{"_id":"603be81b8ebc3e769e714712","slug":"cultural-rspura-news-jmu2302510103","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमावर्ती गांव सई में लक्ष्मी नारायण मंदिर मैं शुरू हुए भागवत कथा संमपन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमावर्ती गांव सई में लक्ष्मी नारायण मंदिर मैं शुरू हुए भागवत कथा संमपन
विज्ञापन
आरएस पुरा। विश्व कल्याण हेतु सीमावर्ती गांव सई के लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पुण्य कमाया। कथावाचक जोगिंदर शास्त्री ने आखिरी दिन लोगों को प्रवचन से निहाल किया। उन्होंने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं।
श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण से प्रेतयोनि से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए। भागवत श्रवण मनुष्य केे संपूर्ण क्लेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने अच्छे और बुरे कर्मों की परिणिति को विस्तार से समझाते हुए आत्मदेव के पुत्र धुंधकारी ओर गोमाता के पुत्र गोकरण के कर्मों के बारे में वृत्तांत समझाया और धुंधकारी द्वारा एकाग्रता पूर्ण भागवत कथा श्रवण से प्रेतयोनि से मुक्ति बताई।
इस मौके पर पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल मुख्य तौर पर मौजूद थे। जिन्होंने गांव में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कराए जाने पर ग्रामीणों का आभार जताया। इसके अलावा एमसी आरएस पुरा के चेयरमैन सतपाल पप्पी, निकोलवाली पंचायत के सरपंच विजय चौधरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे। दोपहर बाद भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण से प्रेतयोनि से मुक्ति मिलती है। चित्त की स्थिरता के साथ ही श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए। भागवत श्रवण मनुष्य केे संपूर्ण क्लेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने अच्छे और बुरे कर्मों की परिणिति को विस्तार से समझाते हुए आत्मदेव के पुत्र धुंधकारी ओर गोमाता के पुत्र गोकरण के कर्मों के बारे में वृत्तांत समझाया और धुंधकारी द्वारा एकाग्रता पूर्ण भागवत कथा श्रवण से प्रेतयोनि से मुक्ति बताई।
विज्ञापन
इस मौके पर पूर्व मंत्री चौधरी श्याम लाल मुख्य तौर पर मौजूद थे। जिन्होंने गांव में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कराए जाने पर ग्रामीणों का आभार जताया। इसके अलावा एमसी आरएस पुरा के चेयरमैन सतपाल पप्पी, निकोलवाली पंचायत के सरपंच विजय चौधरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे। दोपहर बाद भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन