{"_id":"60354fbd8ebc3ee93b725381","slug":"cultural-rspura-news-jmu2298793161","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव सुंदरपुर में मंदिर का निर्माण शुरू, तीन भाइयों ने दान की भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव सुंदरपुर में मंदिर का निर्माण शुरू, तीन भाइयों ने दान की भूमि
विज्ञापन
आरएस पुरा। कस्बे के साथ सटे गांव सुंदरपुर के तीन भाइयों ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान की। मंगलवार को गांव की कमेटी के सदस्यों और ग्रामीणों ने पूजा अर्चना और ध्वजारोहण कर मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाया।
कमेटी के पंच संदीप कुमार, राजेन्द्र मेहरा, साईंदास, मदन लाल, बलविन्द्र कुमार, धर्मपाल आदि ने बताया कि गांव में मंदिर नहीं है। इसके चलते ग्रामीणों ने सहमति से मंदिर निर्माण का फैसला लिया है। गांव के तीन भाइयो शिवराम, दर्शन लाल, विजय कुमार ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान की, जिस पर निर्माण कार्य आरम्भ करवा दिया है। भूमि दान करने वाले तीनों भाइयों ने कहा कि गांव में मंदिर नहीं है, इसके चलते उन्होंने जमीन दान करने का फैसला किया ताकि गांव के लोग पूजा पाठ कर सकें।
गांव के ही मुस्तफा, संगत सिंह ने कहा कि यह गांव आजादी के पहले का है। यहां सभी धर्मों के लोग रह रहे हैं। भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए गांव के सभी धर्मों के लोगों ने आपसी सहमति से मंदिर के निर्माण का फैसला किया है। इस दौरान सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजनों ने भगवान के नाम का गुणगान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेटी के पंच संदीप कुमार, राजेन्द्र मेहरा, साईंदास, मदन लाल, बलविन्द्र कुमार, धर्मपाल आदि ने बताया कि गांव में मंदिर नहीं है। इसके चलते ग्रामीणों ने सहमति से मंदिर निर्माण का फैसला लिया है। गांव के तीन भाइयो शिवराम, दर्शन लाल, विजय कुमार ने मंदिर निर्माण के लिए भूमि दान की, जिस पर निर्माण कार्य आरम्भ करवा दिया है। भूमि दान करने वाले तीनों भाइयों ने कहा कि गांव में मंदिर नहीं है, इसके चलते उन्होंने जमीन दान करने का फैसला किया ताकि गांव के लोग पूजा पाठ कर सकें।
विज्ञापन
गांव के ही मुस्तफा, संगत सिंह ने कहा कि यह गांव आजादी के पहले का है। यहां सभी धर्मों के लोग रह रहे हैं। भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए गांव के सभी धर्मों के लोगों ने आपसी सहमति से मंदिर के निर्माण का फैसला किया है। इस दौरान सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजनों ने भगवान के नाम का गुणगान किया।
विज्ञापन