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विस चुनाव में अवाम ने मतदान कर देश के विकास में योगदान का लिया संकल्प : एलजी
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- कहा - जम्मू-कश्मीर अब अतीत को भुलाकर नए इतिहास की रचना करने में व्यस्त
- युवा पीढ़ी भी इस बात को बाखूबी समझ चुकी, इसलिए उनके हाथों में बंदूक और पत्थर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के लोगों ने सांविधानिक मूल्यों में अपनी आस्था दोहराई है। विधानसभा चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया है।
गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में एक समारोह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं, जिसे जम्मू-कश्मीर की युवा पीढ़ी समझ चुकी है, इसलिए अब उनके हाथों में बंदूक और पत्थर नहीं हैं। उन्होंने कहा, आपने देखा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हुआ। पहले लोकसभा के चुनाव हुए थे और अब विधानसभा के चुनाव निष्पक्ष संपन्न हुए। यह पूरे भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में चर्चा का केंद्र बिंदु बना हुआ है। महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए उप राज्यपाल ने कहा, बदली हुई सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में जब विचार करते हैं तो राष्ट्रपिता के विचार ही हमारी सभी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हैं। यदि आजादी के पहले का भारत हो या आजादी के बाद का, मैं समझता हूं कि बापू के बिना सदैव अधूरा रहेगा। हमें आजादी मिलने के बाद जब देश में उथल-पुथल का दौर चल रहा था तो महात्मा गांधी को उम्मीद की किरण नजर आई।
विधानसभा चुनावों में लोगों की भारी भागीदारी का जिक्र करते हुए एलजी ने कहा, जम्मू-कश्मीर के एक करोड़ चालीस लाख नागरिकों ने संविधान के मूल्यों में अपनी आस्था दोहराते हुए इस खूबसूरत प्रदेश को देश के विकास में अपने योगदान का संकल्प मतदान के माध्यम से दिया है। महात्मा गांधी हमेशा जम्मू-कश्मीर में अमन और तरक्की देखना चाहते थे। पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कार्य हुए हैं, चाहे वो ग्रास रूट पर डेमोक्रेसी का एम्पावरमेंट हो, शांतिपूर्ण चुनाव हों या विकास के काम, ये इस बात का प्रमाण है कि जम्मू-कश्मीर अब अपने अतीत को भुलाकर एक नए इतिहास की रचना करने में व्यस्त है। एलजी ने कहा, अभी लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में पूरी दुनिया ने देखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने रात 12 बजे तक अपना प्रचार जारी रखा। यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि पिछले चार-पांच सालों में भय मुक्त जम्मू-कश्मीर की स्थापना करने में बड़ी सफलता मिली है।
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सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं
सिन्हा ने कहा, आज मैं युवा पीढ़ी से आग्रह करना चाहूंगा कि अमन और तरक्की की रफ्तार को हमें बनाए रखना है। निष्काम सेवा में अपने आपको समर्पित करना है। नई पीढ़ी को यह आज समझने की ज्यादा आवश्यकता है कि आपके संकल्प आपके लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक नहीं, उसके साधन भी पवित्र होने चाहिए। अगर हमारा साधन ठीक नहीं होगा संकल्प जितना भी अच्छा हो हम संकल्प प्राप्त नहीं कर सकते। एक सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। आपकी आकांक्षाएं अमन और तरक्की के वातावरण में पूरी हो सकती हैं। ऐसा माकूल माहौल बने, ताकि आप भी अन्य राज्यों के बच्चों की तरह अपने सपनों को पूरा कर सकें। पिछले चार-पांच वर्षों में हजारों नौजवान स्टार्टअप चला रहे हैं और सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि इन स्टार्टअप में एक तिहाई नेतृत्व हमारी बेटियां कर रही हैं।
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राष्ट्रपिता के आदर्शों पर चलने की दी प्रेरणा
एलजी ने कहा, आपके स्कूल पूरे वर्ष फंक्शनल हैं। कुछ एक नौजवानों को रास्ता भटकाने की कोशिश की जाती है, बरगलाया जाता है, उनसे भी मैं कहना चाहता हूं समाज बराबर हिंसा से बिखरता है। मैं नौजवानों और नई पीढ़ी से आग्रह करना चाहता हूं कि बापू को सही श्रद्धांजलि यही होगी कि आप उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण में जुटें। हर युवा समाज की बुराई खत्म करने में अपना योगदान दे। प्रशासन की तरफ से हर कोशिश रहेगी कि हर संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जम्मू-कश्मीर का नौजवान खासकर विद्यार्थी अपने संकल्पों और सपनों को पूरा कर सकें।
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- युवा पीढ़ी भी इस बात को बाखूबी समझ चुकी, इसलिए उनके हाथों में बंदूक और पत्थर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के लोगों ने सांविधानिक मूल्यों में अपनी आस्था दोहराई है। विधानसभा चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया है।
गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन में एक समारोह को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं, जिसे जम्मू-कश्मीर की युवा पीढ़ी समझ चुकी है, इसलिए अब उनके हाथों में बंदूक और पत्थर नहीं हैं। उन्होंने कहा, आपने देखा कि जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र का महापर्व संपन्न हुआ। पहले लोकसभा के चुनाव हुए थे और अब विधानसभा के चुनाव निष्पक्ष संपन्न हुए। यह पूरे भारत में ही नहीं, पूरे विश्व में चर्चा का केंद्र बिंदु बना हुआ है। महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए उप राज्यपाल ने कहा, बदली हुई सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में जब विचार करते हैं तो राष्ट्रपिता के विचार ही हमारी सभी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हैं। यदि आजादी के पहले का भारत हो या आजादी के बाद का, मैं समझता हूं कि बापू के बिना सदैव अधूरा रहेगा। हमें आजादी मिलने के बाद जब देश में उथल-पुथल का दौर चल रहा था तो महात्मा गांधी को उम्मीद की किरण नजर आई।
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विधानसभा चुनावों में लोगों की भारी भागीदारी का जिक्र करते हुए एलजी ने कहा, जम्मू-कश्मीर के एक करोड़ चालीस लाख नागरिकों ने संविधान के मूल्यों में अपनी आस्था दोहराते हुए इस खूबसूरत प्रदेश को देश के विकास में अपने योगदान का संकल्प मतदान के माध्यम से दिया है। महात्मा गांधी हमेशा जम्मू-कश्मीर में अमन और तरक्की देखना चाहते थे। पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कार्य हुए हैं, चाहे वो ग्रास रूट पर डेमोक्रेसी का एम्पावरमेंट हो, शांतिपूर्ण चुनाव हों या विकास के काम, ये इस बात का प्रमाण है कि जम्मू-कश्मीर अब अपने अतीत को भुलाकर एक नए इतिहास की रचना करने में व्यस्त है। एलजी ने कहा, अभी लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में पूरी दुनिया ने देखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने रात 12 बजे तक अपना प्रचार जारी रखा। यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि पिछले चार-पांच सालों में भय मुक्त जम्मू-कश्मीर की स्थापना करने में बड़ी सफलता मिली है।
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सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं
सिन्हा ने कहा, आज मैं युवा पीढ़ी से आग्रह करना चाहूंगा कि अमन और तरक्की की रफ्तार को हमें बनाए रखना है। निष्काम सेवा में अपने आपको समर्पित करना है। नई पीढ़ी को यह आज समझने की ज्यादा आवश्यकता है कि आपके संकल्प आपके लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक नहीं, उसके साधन भी पवित्र होने चाहिए। अगर हमारा साधन ठीक नहीं होगा संकल्प जितना भी अच्छा हो हम संकल्प प्राप्त नहीं कर सकते। एक सभ्य समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। आपकी आकांक्षाएं अमन और तरक्की के वातावरण में पूरी हो सकती हैं। ऐसा माकूल माहौल बने, ताकि आप भी अन्य राज्यों के बच्चों की तरह अपने सपनों को पूरा कर सकें। पिछले चार-पांच वर्षों में हजारों नौजवान स्टार्टअप चला रहे हैं और सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि इन स्टार्टअप में एक तिहाई नेतृत्व हमारी बेटियां कर रही हैं।
राष्ट्रपिता के आदर्शों पर चलने की दी प्रेरणा
एलजी ने कहा, आपके स्कूल पूरे वर्ष फंक्शनल हैं। कुछ एक नौजवानों को रास्ता भटकाने की कोशिश की जाती है, बरगलाया जाता है, उनसे भी मैं कहना चाहता हूं समाज बराबर हिंसा से बिखरता है। मैं नौजवानों और नई पीढ़ी से आग्रह करना चाहता हूं कि बापू को सही श्रद्धांजलि यही होगी कि आप उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण में जुटें। हर युवा समाज की बुराई खत्म करने में अपना योगदान दे। प्रशासन की तरफ से हर कोशिश रहेगी कि हर संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जम्मू-कश्मीर का नौजवान खासकर विद्यार्थी अपने संकल्पों और सपनों को पूरा कर सकें।