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दूसरे राज्यों से श्रमिकों का आना शुरू
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अरनिया। कृषि प्रधान क्षेत्र अरनिया में धान के फसल पक कर तैयार हो चुकी है। वहीं दूसरे राज्यों से कटाई के लिए श्रमिकों के पहुंचने का क्रम भी शुरू हो चुका है।
क्षेत्र में अभी तक करीब दो सौ से भी अधिक श्रमिक पहुंच चुके हैं और वह धान कटाई में भी लग चुके हैं। हालांकि क्षेत्र के सीमावर्ती हल्कों में करीब 90 प्रतिशत विश्व विख्यात बासमती की रोपाई की जाती है। इसके लिए श्रमिकों को अभी सात आठ दिन कटाई के और इंतजार करना पड़ेगा। मगर अन्य हल्के में पीबी 71, शरबती सहित अन्य धान की किस्म पक कर तैयार हो चुकी है।
स्थानीय किसान मग्गर सिंह, केवल सैनी, संदीप सैनी, अमरनाथ व पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह तथा सौदागर मल आदि का कहना है कि गत वर्ष जरूरत से बहुत ही कम मात्रा में श्रमिक पहुंचे थे। इससे फसल कटाई में देरी हो पाई थी। उस पर बेमौसम बरसात के कारण आधी से भी अधिक धान की फसल खेतों में ही डूब कर तबाह हो गई थी।
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किसानों के अनुसार अगर मौसम अनुकूल रहा तो इस बार श्रमिकों के सहयोग से समय रहते हम अपनी फसल को समेट सकेगें। इसके चलते लाभ के साथ-साथ हमें काफी राहत मिलेगी।
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क्षेत्र में अभी तक करीब दो सौ से भी अधिक श्रमिक पहुंच चुके हैं और वह धान कटाई में भी लग चुके हैं। हालांकि क्षेत्र के सीमावर्ती हल्कों में करीब 90 प्रतिशत विश्व विख्यात बासमती की रोपाई की जाती है। इसके लिए श्रमिकों को अभी सात आठ दिन कटाई के और इंतजार करना पड़ेगा। मगर अन्य हल्के में पीबी 71, शरबती सहित अन्य धान की किस्म पक कर तैयार हो चुकी है।
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स्थानीय किसान मग्गर सिंह, केवल सैनी, संदीप सैनी, अमरनाथ व पूर्व सरपंच रघुवीर सिंह तथा सौदागर मल आदि का कहना है कि गत वर्ष जरूरत से बहुत ही कम मात्रा में श्रमिक पहुंचे थे। इससे फसल कटाई में देरी हो पाई थी। उस पर बेमौसम बरसात के कारण आधी से भी अधिक धान की फसल खेतों में ही डूब कर तबाह हो गई थी।
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