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राष्ट्रीय एकता के लिए हिंदी महत्वपूर्ण
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दोमाना। गर्वनमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन जम्मू ने हिंदी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में दोहा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसका उद्देश्य मातृभाषा हिंदी की आवश्यकता, उपयोग, महत्व और गुणों को चिह्नित करना था। कार्यक्रम का विषय हिंदी मेरी पहचान था। हिंदी विभाग के एचओडी प्रो. सतीश शर्मा ने छात्रों को हिंदी के क्षेत्र, विकास और लोकप्रियता के बारे में बताया।
जीसीओई की प्राचार्य प्रो. एकता गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय एकता के लिए हिंदी महत्वपूर्ण है। हिंदी सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली और प्रिय भाषा है। सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम के दौरान निबंध लेखन, स्लोगन लेखन सहित कई अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
हिंदी विभाग की प्रो. सीमा कुमारी ने हिंदी भाषा की उत्पत्ति की यात्रा और वैदिक और संस्कृत युग में इसके उपयोग पर विचार रखे। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम में प्रो. अंजू बाला, डॉ. ज्योति परिहार, डॉ. राजिंदर कौर, प्रो. राधिका महाजन, प्रो. शालिनी राणा, प्रो. नीरज, प्रो. विनय लता, प्रो. सरिता डोगरा, प्रो. शापिया शमीम भट्टी, प्रो. डॉ शुभ्रा जामवाल, डॉ. शालिनी, अनुराधा चौधरी, प्रो. सुनीता देवी, प्रो. रुबीना यास्मीन और करुणा बालोत्रा आदि मौजूद रहे।
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जीसीओई की प्राचार्य प्रो. एकता गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय एकता के लिए हिंदी महत्वपूर्ण है। हिंदी सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली और प्रिय भाषा है। सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम के दौरान निबंध लेखन, स्लोगन लेखन सहित कई अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
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हिंदी विभाग की प्रो. सीमा कुमारी ने हिंदी भाषा की उत्पत्ति की यात्रा और वैदिक और संस्कृत युग में इसके उपयोग पर विचार रखे। विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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कार्यक्रम में प्रो. अंजू बाला, डॉ. ज्योति परिहार, डॉ. राजिंदर कौर, प्रो. राधिका महाजन, प्रो. शालिनी राणा, प्रो. नीरज, प्रो. विनय लता, प्रो. सरिता डोगरा, प्रो. शापिया शमीम भट्टी, प्रो. डॉ शुभ्रा जामवाल, डॉ. शालिनी, अनुराधा चौधरी, प्रो. सुनीता देवी, प्रो. रुबीना यास्मीन और करुणा बालोत्रा आदि मौजूद रहे।