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कनक मंडी और शास्त्री नगर में होलिका दहन 17 को
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जम्मू। अग्रवाल समाज की ओर से 17 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। यह कार्यक्रम कनक मंडी और शास्त्री नगर में होगा।
समाज से बुराइयों को मिटाने के लिए अग्रवाल समाज की ओर से होली से एक दिन पहले होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन होगा। बिरादरी के नारायण अंगराल ने बताया कि होलिका दहन को छोटी होली भी कहा जाता है। एक पौराणिक कथा के मुताबिक हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु के भगत थे। लेकिन उनकी भक्ति से पिता हिरण्यकश्यप नाखुश थे। इसी को लेकर उन्होंने अपने पुत्र को भगवान की भक्ति से हटाने के लिए कई प्रयास किए थे। लेकिन प्रहलाद प्रभु की भक्ति को नहीं छोड़ा। उसके बाद हिरण्यकश्यप ने पुत्र को जान से मारने की योजना बनाई। अपनी बहन होलिका की गोद में प्रहलाद को बैठाकर आग के हवाले कर दिया था।
भगवान की कृपा से होलिका जलकर भस्म हो गई। भगत प्रहलाद आग से सुरक्षित बाहर निकले। तभी से होली मनाने की प्रथा शुरू हुई है। नारायण अंगराल ने कहा कि हमेशा अच्छाई की जीत है। समाज में बुराइयों को हटाने के लिए होलिका दहन किया जाता है। युवाओं को रीति रिवाजों से अवगत करवाया जाता है, ताकि समाज अच्छाई की ओर बढ़े।
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समाज से बुराइयों को मिटाने के लिए अग्रवाल समाज की ओर से होली से एक दिन पहले होलिका दहन कार्यक्रम का आयोजन होगा। बिरादरी के नारायण अंगराल ने बताया कि होलिका दहन को छोटी होली भी कहा जाता है। एक पौराणिक कथा के मुताबिक हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु के भगत थे। लेकिन उनकी भक्ति से पिता हिरण्यकश्यप नाखुश थे। इसी को लेकर उन्होंने अपने पुत्र को भगवान की भक्ति से हटाने के लिए कई प्रयास किए थे। लेकिन प्रहलाद प्रभु की भक्ति को नहीं छोड़ा। उसके बाद हिरण्यकश्यप ने पुत्र को जान से मारने की योजना बनाई। अपनी बहन होलिका की गोद में प्रहलाद को बैठाकर आग के हवाले कर दिया था।
भगवान की कृपा से होलिका जलकर भस्म हो गई। भगत प्रहलाद आग से सुरक्षित बाहर निकले। तभी से होली मनाने की प्रथा शुरू हुई है। नारायण अंगराल ने कहा कि हमेशा अच्छाई की जीत है। समाज में बुराइयों को हटाने के लिए होलिका दहन किया जाता है। युवाओं को रीति रिवाजों से अवगत करवाया जाता है, ताकि समाज अच्छाई की ओर बढ़े।
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