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ज्यौड़िया विद्युुत रिसीविंग स्टेशन से काटे पेड़
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ज्यौडियां बिधुत रसीवींग सटेशन से काटे गये पेड़, लोगों ने की जांच की मांग
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ज्यौड़ियां। ज्यौड़ियां (गढ़ी) विद्युत रिसीविंग स्टेशन से काटे सफेेदे के पेड़ काटे गए हैं। इसको लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है। उनका कहना है कि एक तरफ पौधे लगाने पर बल दिया जाता है ताकि धरती पर हरियाली बढ़े। दूसरी तरफ जो पेड़ बन गए हैं और वे हरे भरे हैं, उन्हें बिना कोई करण के काट दिया जा रहा है।
पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब ज्यौड़ियां के पदाधिकारियों ने पेड़ों की कटाई पर जांच की मांग की है। कमेटी के लोगों का कहना है कि इन हरे पेड़ों की कटाई की क्या जरूरत थी। किसकी अनुमति से यह पेड़ काटे गए हैं। ज्यौड़ियां क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना है। इन पेड़ों की कटाई हेतु क्या कोई टेंडर निकाला गया या मनमाने ढंग से इनकी कटाई कराई गई है। इस विषय में कमेटी के अध्यक्ष अमृत भूषण बाबा भारती ने कहा कि काटे गए पेड़ सफेदे के हैं, जो गिनती में सात बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में इसी बिजली घर से चंद माह पहले दो शीशम (टाली) के पेड़ भी काटे गए थे, जिसकी लकड़ी का कोई अतापता नहीं है, कि किस अधिकारी के घर की शोभा बढ़ा रहे हैं।
बाबा भारती ने बताया कि ज्यौड़ियां के विकास में आड़े आ रहे पेड़ों को कटवाने हेतु एक साल से एड़ी चोटी का जोर लगा रहे जनप्रतिनिधि पेड़ कटवाने में असमर्थ रहे हैं। दूसरी तरफ यह पेड़ काट कर उन जनप्रतिनिधियों को ठेंगा दिखाने का काम किया गया है। अफसर शाही इस समय किस प्रकार जनप्रतिनिधियों पर हावी है। यह जग जाहिर है, परंतु स्वार्थी अफसरों पर कार्रवाई करना जरूरी है। इसकी जांच कर दोषी अधिकारी को दंडित किया जाना चाहिए।
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पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब ज्यौड़ियां के पदाधिकारियों ने पेड़ों की कटाई पर जांच की मांग की है। कमेटी के लोगों का कहना है कि इन हरे पेड़ों की कटाई की क्या जरूरत थी। किसकी अनुमति से यह पेड़ काटे गए हैं। ज्यौड़ियां क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना है। इन पेड़ों की कटाई हेतु क्या कोई टेंडर निकाला गया या मनमाने ढंग से इनकी कटाई कराई गई है। इस विषय में कमेटी के अध्यक्ष अमृत भूषण बाबा भारती ने कहा कि काटे गए पेड़ सफेदे के हैं, जो गिनती में सात बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में इसी बिजली घर से चंद माह पहले दो शीशम (टाली) के पेड़ भी काटे गए थे, जिसकी लकड़ी का कोई अतापता नहीं है, कि किस अधिकारी के घर की शोभा बढ़ा रहे हैं।
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बाबा भारती ने बताया कि ज्यौड़ियां के विकास में आड़े आ रहे पेड़ों को कटवाने हेतु एक साल से एड़ी चोटी का जोर लगा रहे जनप्रतिनिधि पेड़ कटवाने में असमर्थ रहे हैं। दूसरी तरफ यह पेड़ काट कर उन जनप्रतिनिधियों को ठेंगा दिखाने का काम किया गया है। अफसर शाही इस समय किस प्रकार जनप्रतिनिधियों पर हावी है। यह जग जाहिर है, परंतु स्वार्थी अफसरों पर कार्रवाई करना जरूरी है। इसकी जांच कर दोषी अधिकारी को दंडित किया जाना चाहिए।
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