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बक्करवालों के आने पर प्रशासन व्यवस्था बनाए
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रजनी शर्मा
अखनूर। पंचायत ढोक जागीर की नायब सरपंच रजनी शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कश्मीर घाटी से बक्करवाल मवेशियों के साथ आते हैं और उनके पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। बक्करवालों के पशु किसानों द्वारा इकट्ठा किया गया चारा भी बर्बाद करतेे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इसका संज्ञान ले और बक्करवालों को हिदायत दे कि वह पशुओं को संभाल कर रखें। ताकि दो पक्षों के बीच विवाद की स्थित न उत्पन्न होने पाए। यह समस्या मात्र हमारे क्षेत्र की नहीं है, बल्कि पूरे जम्मू संभाग की ही। उन्होंने बताया कि बक्करवाल चारे के लिए कंडी क्षेत्र में डेरा डालकर पांच-छह माह तक रहते हैं। सर्दी में चारे की किल्लत दोनों बन जाती है। क्षेत्र में बारिश और ओले से फसल के नुकसान की भरपाई का मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि सरकार को क्षेत्र का अध्ययन करके किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। संवाद
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उन्होंने कहा कि प्रशासन इसका संज्ञान ले और बक्करवालों को हिदायत दे कि वह पशुओं को संभाल कर रखें। ताकि दो पक्षों के बीच विवाद की स्थित न उत्पन्न होने पाए। यह समस्या मात्र हमारे क्षेत्र की नहीं है, बल्कि पूरे जम्मू संभाग की ही। उन्होंने बताया कि बक्करवाल चारे के लिए कंडी क्षेत्र में डेरा डालकर पांच-छह माह तक रहते हैं। सर्दी में चारे की किल्लत दोनों बन जाती है। क्षेत्र में बारिश और ओले से फसल के नुकसान की भरपाई का मुआवजा की मांग करते हुए कहा कि सरकार को क्षेत्र का अध्ययन करके किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। संवाद
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