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दो साल बाद कल्चरल अकादमी को नहीं मिला स्थायी सचिव
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर कला संस्कृति और भाषा अकादमी दो साल से अस्थायी सचिव के सहारे चल रही है। अकादमी में डॉ. अजीज हाजनी के सेवानिवृत्त होने के बाद से स्थायी सचिव नहीं है। वर्तमान में पुरातत्व विभाग के निदेशक के पास अकादमी के कामकाज का अतिरिक्त कार्यभार है।
प्रदेश सरकार ने सचिव की नियुक्ति के लिए एक कमेटी का गठन किया, जिससे इस पद के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि इससे पहले भी सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था, जिनसे अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी। वर्तमान में अतिरिक्त सचिव अकादमी अरविंदर सिंह अमन ने कमेटी द्वारा चियनित व्यक्ति की नियुक्ति के खिलाफ कोर्ट में अपील की है, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार से दोबारा कमेटी का गठन कर नए सिरे से और पात्रता मापदंड के तहत नियुक्ति करने का आदेश दिया है। कमेटी के सदस्य रहे डॉ. जितेंद्र उधमपुरी ने कहा कि सरकार ने पहले पात्रता मापदंड नहीं रखा, जिसके कारण उचित व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी थी। उन्होंने कहा कि कला और साहित्य से जुड़े इस विभाग में स्थायी सचिव की नियुक्ति नहीं होने से आम लोगों और कला प्रेमियों में अच्छा संदेश नहीं जाता है।
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प्रदेश सरकार ने सचिव की नियुक्ति के लिए एक कमेटी का गठन किया, जिससे इस पद के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि इससे पहले भी सरकार ने एक कमेटी का गठन किया था, जिनसे अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी। वर्तमान में अतिरिक्त सचिव अकादमी अरविंदर सिंह अमन ने कमेटी द्वारा चियनित व्यक्ति की नियुक्ति के खिलाफ कोर्ट में अपील की है, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार से दोबारा कमेटी का गठन कर नए सिरे से और पात्रता मापदंड के तहत नियुक्ति करने का आदेश दिया है। कमेटी के सदस्य रहे डॉ. जितेंद्र उधमपुरी ने कहा कि सरकार ने पहले पात्रता मापदंड नहीं रखा, जिसके कारण उचित व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी थी। उन्होंने कहा कि कला और साहित्य से जुड़े इस विभाग में स्थायी सचिव की नियुक्ति नहीं होने से आम लोगों और कला प्रेमियों में अच्छा संदेश नहीं जाता है।
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