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नियंत्रण रेखा के पार व्यापार बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल नहीं
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:48 AM IST
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भारत-पाक में बातचीत बंद होने का व्यापार पर असर
- फोटो : FILE PHOTO
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जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार व्यापार में कुछ और वस्तुएं शामिल होने और कारोबारी सहूलियतों में बढ़ोतरी की हाल फिलहाल कोई संभावना नहीं है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर सरकार और राज्य के व्यापारी कम से कम 21 और वस्तुओं के आयात-निर्यात को मंजूरी की राह देख रहे हैं। फिलहाल भारत-पाक के बीच बातचीत ‘निलंबित’ होने के कारण इसकी उम्मीद नहीं है।
एलओसी पर चक्का दा बाग और सलामाबाद के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान होता है। फिलहाल यहां वस्तु के बदले वस्तु का विनियम किया जाता है। इसके बजाय बैंकिंग सुविधा को मंजूरी देने की मांग की जा रही है।
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इसके अलावा टेलीफोन संपर्क और डॉलर में व्यापार जैसी मांगें भी प्रस्तावित हैं। सूत्रों के अनुसार, दो जनवरी को पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद इन सभी प्रस्तावों पर हाल फिलहाल में किसी सकारात्मक कदम की उम्मीद नहीं है।
गौरतलब है कि यहां धातु, मिश्रित धातु, रासायनिक उत्पादों, रेडीमेड कपड़ों, खाद्य उत्पादों, क्रिकेट के बल्लों, लकड़ी और स्टील के फर्नीचर आदि के व्यापार को मंजूरी देने का प्रस्ताव है।
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आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर सरकार और राज्य के व्यापारी कम से कम 21 और वस्तुओं के आयात-निर्यात को मंजूरी की राह देख रहे हैं। फिलहाल भारत-पाक के बीच बातचीत ‘निलंबित’ होने के कारण इसकी उम्मीद नहीं है।
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एलओसी पर चक्का दा बाग और सलामाबाद के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान होता है। फिलहाल यहां वस्तु के बदले वस्तु का विनियम किया जाता है। इसके बजाय बैंकिंग सुविधा को मंजूरी देने की मांग की जा रही है।
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इसके अलावा टेलीफोन संपर्क और डॉलर में व्यापार जैसी मांगें भी प्रस्तावित हैं। सूत्रों के अनुसार, दो जनवरी को पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद इन सभी प्रस्तावों पर हाल फिलहाल में किसी सकारात्मक कदम की उम्मीद नहीं है।
गौरतलब है कि यहां धातु, मिश्रित धातु, रासायनिक उत्पादों, रेडीमेड कपड़ों, खाद्य उत्पादों, क्रिकेट के बल्लों, लकड़ी और स्टील के फर्नीचर आदि के व्यापार को मंजूरी देने का प्रस्ताव है।