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बाजार से दवाई लेकर फसलों पर कर लें छिड़काव, विभाग देगा पैसा: विनोद कुंडल
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गेहूं में पीलिया से परेशान किसान, विभाग के पास दवाई उपलब्ध नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल को पीलिया की बीमारी लग चुकी है, और कृषि विभाग के पास बीमारी की दवाई नहीं है। इस समस्या पर वीरवार को मुख्य कृषि विभाग अधिकारी जम्मू विनोद कुंडल ने किसानों से कहा है कि विभाग के पास दवाई आने का किसान इंतजार न करें। बाजार से दवाई खरीदकर फसल पर छिड़काव करें। सब्सिडी के तौर पर ये पैसा बाद में किसानों को मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी किसान बाजार से दवाई खरीदकर लाता है, वह पूर्ण रूप से जीएसटी बिल दवाई विक्रेता से ले और अपने नजदीकी कृषि विभाग के दफ्तर में जमा करवा दे। बाद में कृषि विभाग की तरफ से खरीदी दवाई की सब्सिडी के तौर पर किसानों के खाते में ये पैसे डाल दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को ब्लॉक दिवस के मौके पर गांव सुचेतगढ़ में उपायुक्त अवनी लवासा के सामने भी लोगों ने समस्याओं को रखा था। उन किसानों को भी यही परामर्श दिया गया है।
पंचायत आल्हा के किसान लवली सिंह ने बताया था कि बारिश न होने के कारण और तापमान में वृद्धि के चलते गेहूं की फसल पर पीलिया हावी हो रहा है। जिस खेत में कुछ पौधे की बालियां थोड़ी पीली होती हैं, अगले दिन उस पौधे को पीलिया पूरी तरह चपेट में ले लेता है। इस पर अधिकारी ने कहा कि तापमान में वृद्धि होने से पीलिया की बीमारी कम होती है, और तापमान में गिरावट आती है तो गेहूं की फसल पर पीलिया हावी होता है। हो सकता है पीलिया ने अपना प्रारूप बदल लिया हो। कृषि विभाग के विशेषज्ञों को इस बीमारी को लेकर सजग रहना चाहिए, और खेतों में जाकर इसकी जांच करनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल को पीलिया की बीमारी लग चुकी है, और कृषि विभाग के पास बीमारी की दवाई नहीं है। इस समस्या पर वीरवार को मुख्य कृषि विभाग अधिकारी जम्मू विनोद कुंडल ने किसानों से कहा है कि विभाग के पास दवाई आने का किसान इंतजार न करें। बाजार से दवाई खरीदकर फसल पर छिड़काव करें। सब्सिडी के तौर पर ये पैसा बाद में किसानों को मिल जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी किसान बाजार से दवाई खरीदकर लाता है, वह पूर्ण रूप से जीएसटी बिल दवाई विक्रेता से ले और अपने नजदीकी कृषि विभाग के दफ्तर में जमा करवा दे। बाद में कृषि विभाग की तरफ से खरीदी दवाई की सब्सिडी के तौर पर किसानों के खाते में ये पैसे डाल दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को ब्लॉक दिवस के मौके पर गांव सुचेतगढ़ में उपायुक्त अवनी लवासा के सामने भी लोगों ने समस्याओं को रखा था। उन किसानों को भी यही परामर्श दिया गया है।
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पंचायत आल्हा के किसान लवली सिंह ने बताया था कि बारिश न होने के कारण और तापमान में वृद्धि के चलते गेहूं की फसल पर पीलिया हावी हो रहा है। जिस खेत में कुछ पौधे की बालियां थोड़ी पीली होती हैं, अगले दिन उस पौधे को पीलिया पूरी तरह चपेट में ले लेता है। इस पर अधिकारी ने कहा कि तापमान में वृद्धि होने से पीलिया की बीमारी कम होती है, और तापमान में गिरावट आती है तो गेहूं की फसल पर पीलिया हावी होता है। हो सकता है पीलिया ने अपना प्रारूप बदल लिया हो। कृषि विभाग के विशेषज्ञों को इस बीमारी को लेकर सजग रहना चाहिए, और खेतों में जाकर इसकी जांच करनी चाहिए।
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