दरिंदे ने पार की हैवानियत की हद, पढ़कर कांप उठेंगे आप
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छह साल की नन्ही बच्ची जम्मू शहर के शालामार अस्पताल में अपने पिता की गोद से हिल नहीं पा रही थी। दहशत उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी। एक वहशी ने नन्ही बच्ची के साथ पांच दिन पहले दुष्कर्म किया था। हैवानियत की हद यह है कि अभी भी बच्ची कुर्सी पर बैठने लायक नहीं है।
उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं। दोमाना थाना इलाके में रहने वाले बच्ची के पिता ने बताया कि घटना के दिन बच्ची शाम चार बजे गांव के ही सरकारी स्कूल से लौटी थी। घर में स्कूल बैग रखने के बाद वह पास की दुकान में चली गई। मूल रूप से नेपाल निवासी बच्ची के पिता के अनुसार काफी देर तक बेटी के न लौटने पर वह उसे ढूंढते हुए उक्त दुकान में पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिली।
जब वह लौट रहे थे तो रास्ते में उन्होंने झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। शक होने पर जब वह वहां पहुंचे तो गांव का ही एक युवक उसे लेकर बैठा था। उसे देख युवक बेटी को छोड़ भाग खड़ा हुआ। पिता के अनुसार उनकी बेटी बेहोश पड़ी थी।
काश उसके पास किताबों के पैसे न होते
वह युवक को छोड़ अपनी बेटी को उठाकर घर पहुंचे। उसकी देखभाल करने पर वह होश में आई तो रोने लगी। रोते-रोते उसने मां को अपने साथ बीती सारी घटना बताई। उसके बाद वे दोमाना थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई। बच्ची का मेडिकल करवाने के बाद उसे मढ़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन वहां से डाक्टरों ने उन्हें सरवाल अस्पताल भेजा।
बच्ची की हालत बिगड़ने पर उसे शालामार अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां बच्ची का इलाज चल रहा है। बच्ची के परिवार वालों का कहना है कि स्कूल से किताबों के लिए दस रुपये जमा करवाने का निर्देश आया था। उनकी बेटी भी दस रुपये लेकर स्कूल गई थी, लेकिन किसी कारणवश उस दिन रुपये जमा नहीं किए गए।
स्कूल से घर लौटने के बाद वही दस का नोट लेकर बच्ची चाकलेट लेने के लिए निकल पड़ी थी। पिता का कहना है कि काश उस दिन उसके पास रुपये न होते तो उनकी बच्ची के साथ अनहोनी न घटती।