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तलाकशुदा पत्नी पर हमला करने पर सात साल की कैद
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 18 Jan 2017 12:05 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Demo Pic.
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प्रमुख सत्र न्यायाधीश रियासी एसआर गांधी ने तलाकशुदा पत्नी पर दोबारा शादी करने का दबाव बनाने और उस पर हमला करने के आरोप में बबलू को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश एसआर गांधी ने पब्लिक प्रासिक्यूटर एमएम शर्मा की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को धारा 307 (जानलेवा हमला करने) के तहत दोषी पाया।
अभियुक्त को कोर्ट की ओर से सात साल के कठोर कारावास के अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा आरपीसी 425 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत छह महीने की कैद भी सुनाई।
पुलिस केस के मुताबिक तीन नवंबर 2009 को शिकायतकर्ता नीतू देवी की ओर से रियासी अस्पताल में पुलिस को बयान दिया गया था कि बबलू पुत्र काका राम उसे तलाक दे चुका है। वह एक झोपड़ी में 4 साल की अपनी बहन की बेटी के साथ रहती है। नीतू देवी ने बताया कि बबलू अकसर उससे मिलता था और उस पर फिर से शादी करने का दबाव बनाता था।
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तीन नवंबर को बबलू सुबह सात बजे के करीब उसका दरवाजा खटखटाने लगा। उसने दरवाजा खोलने से मना किया तो बबलू जबरदस्ती कमरे में घुस गया और उस पर हमला कर दिया। उसने उसे गर्दन से पकड़ लिया।
उसके चिल्लाने पर वह वहां से भाग निकला पर उसे मारने की नीयत से उसने चाकू से उस पर कई हमले किए। पहला वार पेट पर किया और कुछ वार शरीर के अन्य हिस्सों पर भी किए। नीतू देवी के बयान के आधार पर पुलिस ने बबलू के खिलाफ एफआईआर नंबर 210/2009 में आरपीसी की धारा 307/452 और 4/25 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया था।
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न्यायाधीश एसआर गांधी ने पब्लिक प्रासिक्यूटर एमएम शर्मा की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को धारा 307 (जानलेवा हमला करने) के तहत दोषी पाया।
अभियुक्त को कोर्ट की ओर से सात साल के कठोर कारावास के अलावा 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा आरपीसी 425 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत छह महीने की कैद भी सुनाई।
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पुलिस केस के मुताबिक तीन नवंबर 2009 को शिकायतकर्ता नीतू देवी की ओर से रियासी अस्पताल में पुलिस को बयान दिया गया था कि बबलू पुत्र काका राम उसे तलाक दे चुका है। वह एक झोपड़ी में 4 साल की अपनी बहन की बेटी के साथ रहती है। नीतू देवी ने बताया कि बबलू अकसर उससे मिलता था और उस पर फिर से शादी करने का दबाव बनाता था।
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तीन नवंबर को बबलू सुबह सात बजे के करीब उसका दरवाजा खटखटाने लगा। उसने दरवाजा खोलने से मना किया तो बबलू जबरदस्ती कमरे में घुस गया और उस पर हमला कर दिया। उसने उसे गर्दन से पकड़ लिया।
उसके चिल्लाने पर वह वहां से भाग निकला पर उसे मारने की नीयत से उसने चाकू से उस पर कई हमले किए। पहला वार पेट पर किया और कुछ वार शरीर के अन्य हिस्सों पर भी किए। नीतू देवी के बयान के आधार पर पुलिस ने बबलू के खिलाफ एफआईआर नंबर 210/2009 में आरपीसी की धारा 307/452 और 4/25 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज किया था।