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आनलाइन गिरोह का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 14 Sep 2015 07:13 PM IST
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क्राइम ब्रांच जम्मू ने आनलाइन फ्रॉड करने वाले सात लोगों को दबोचा है। इनके पास से 15 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। पिछले दो-तीन साल से क्राइम ब्रांच के पास आनलाइन फ्राड की शिकायतें पहुंच रही थीं।
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जांच में एक बात सामने आई है कि फ्रॉड करने वाले अधिकतर दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, बिहार और नोएडा के हैं। यहां अपने कार्यालय खोलकर लोगों को फंसा लेते हैं। खुद को बैंकों, बीमा कंपनियों का एजेंट और अधिकारी बता कर यह लूटते थे। सात में से तीन गिरोह के मुख्य किंगपिन हैं।
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एसएसपी क्राइम ब्रांच जम्मू मुब्बसर लतीफी ने बताया कि कठुआ के रहने वाले विजय कुमार गुप्ता ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि उन्होंने कोटेक जीवन बीमा में पॉलिसी की है।
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2012 तक उन्होंने प्रीमियम भरा। 2013 में कोटेक बीमा का एजेंट बताकर राहुल अग्रवाल नाम के युवक ने फोन किया और कहा कि पॉलिसी रिवाइव करने के लिए पैसे जमा कराएं। उन्होंने 40, 310 रुपये जमा कराए।
इसके बाद उन्हें लगातार पैसे जमा कराने के लिए कॉल आने लगीं। उन्होंने अलग-अलग बैंक अकाउंट के जरिये 9 बैंकों में 15 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद खुद को आईआरडीए का अधिकारी बता कर कॉल करने वाले दीपक सिंगल के कहने पर विजय गुप्ता ने फिर से 22 लाख जमा कराए।
इसके बाद भी कॉल आना जारी रहीं, लेकिन उन्हें पैसा वापस नहीं मिला। फिर उन्हें एहसास हो गया कि उनके साथ ठगी हो रही है। इन शिकायतों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से सात लोगों को दबोचा, जो यह काम कर रहे थे।
इनमें राजस्थान के रहने वाले चंद्र प्रकाश, नोएडा के रहने वाले शिव कुमार, उत्तराखंड के रहने वाले अनिल कुमार, नई दिल्ली के रहने वाले अरुण दास, दिल्ली के रहने वाले राजीव तंवर और सचिन भारद्वाज, हरियाणा के पुष्कर चौधरी शामिल हैं।
पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह एक-दूसरे से लगातार संपर्क में रहते हैं। अनिल, पुष्कर और राजीव तंवर मुख्य किंगपिन हैं। यह लोग कंपनियों और बैंकों से डाटा इकट्ठा कर फोन करते थे और लोगों के साथ फ्रॉड करते हैं। इनके साथ कई और लोग शामिल हो सकते हैं। इनकी तलाश की जा रही है।