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कोर्ट परिसर में कैदी ने दो वकीलों पर बोला हमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:30 PM IST
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उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा जिले की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक विचाराधीन कैदी ने तेजधार हथियार से हमला कर दो वकीलों को घायल कर दिया।
घायल वकीलों में से एक काफी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना को लेकर वकीलों ने रोष जताया है। जानकारी के अनुसार एक विचाराधीन कैदी नूरदीन गोजर ने साथियों के साथ मिलकर सरकारी वकील शफी भट समेत एक और वरिष्ठ वकील जान मोहम्मद पर कोर्ट परिसर में हमला किया।
इस हमले में सरकारी वकील शफी भट गंभीर घायल हो गए। उन्हें सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल बांडीपोरा में इलाज के लिए ले जाया गया। हमला उस समय हुआ, जब कैदी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के लिए लाया गया था।
वहीं वकील जान मोहम्मद ने कहा कि यह एक सोची समझी साजिश थी। इस घटना पर रोष जताते हुए बांडीपोरा बार एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर चले गए, जिसका समर्थन कोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर समेत याचिका लेखकों ने भी किया है।
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उन्होंने मांग की कि हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि सुरक्षाकर्मी अपराधियों सहित विचाराधीन कैदियों को उचित तलाशी के बिना अदालत परिसर में प्रवेश करने देते हैं।
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घायल वकीलों में से एक काफी गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना को लेकर वकीलों ने रोष जताया है। जानकारी के अनुसार एक विचाराधीन कैदी नूरदीन गोजर ने साथियों के साथ मिलकर सरकारी वकील शफी भट समेत एक और वरिष्ठ वकील जान मोहम्मद पर कोर्ट परिसर में हमला किया।
इस हमले में सरकारी वकील शफी भट गंभीर घायल हो गए। उन्हें सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल बांडीपोरा में इलाज के लिए ले जाया गया। हमला उस समय हुआ, जब कैदी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी के लिए लाया गया था।
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वहीं वकील जान मोहम्मद ने कहा कि यह एक सोची समझी साजिश थी। इस घटना पर रोष जताते हुए बांडीपोरा बार एसोसिएशन के सदस्य हड़ताल पर चले गए, जिसका समर्थन कोर्ट कंप्यूटर ऑपरेटर समेत याचिका लेखकों ने भी किया है।
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उन्होंने मांग की कि हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया है कि सुरक्षाकर्मी अपराधियों सहित विचाराधीन कैदियों को उचित तलाशी के बिना अदालत परिसर में प्रवेश करने देते हैं।