जम्मू-कश्मीरः अवंतीपोरा में लश्कर का एक मददगार गिरफ्तार
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कश्मीर घाटी के अवंतीपोरा में लश्कर का एक मददगार गिरफ्तार किया गया है। वह अवंतीपोरा और त्राल में आतंकवादियों को आश्रय, रसद और अन्य सहायता प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी पहुंचा रहा था।
बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी इलाके में आतंकियों का मददगार सक्रिया है। इसी सूचना के आधार पर 42 आरआर, सीआरपीएफ की 130वीं बटालियन की सहायता से अवंतीपोरा पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया।
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इस ऑपरेशन में आतंकियों के मददगार आकिफ अहमद निवासी अवंतीपोरा को गिरफ्तार किया। वह लश्कर कमांडरों के संपर्क में था और स्थानीय युवाओं पैसे का लालच देकर आतंकी रैंकों में भर्ती कराने में शामिल था। गिरफ्तार आतंकियों के मददगार के बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
बारामुला में आतंकियों का मददगार गिरफ्तार, चीन निर्मित तीन ग्रेनेड बरामद
उधर, बारामुला में भी आतंकियों के एक मददगार को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से तीन चीन निर्मित ग्रेनेड बरामद हुए हैं। हाल ही में उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियों के तहत दर्ज कुछ मामलों में उसकी गिरफ्तारी लंबित थी। वह पिछले छह महीने से फरार भी था।
29 दिसंबर को सूचना मिली कि कुछ आतंकवादी या आतंकियों के मददगार बारामुला से हंदवाड़ा की ओर अवैध हथियारों के साथ जा रहे हैं। इस सूचना पर एसओजी बारामुला, 46 आरआर और 53 सीआरपीएफ द्वारा बारामुला शहर के सभी प्रवेश व निकास बिंदुओं पर संयुक्त नाके लगाए गए थे। इसी दौरान लगभग शाम छह बजे एक मारुति ऑल्टो कार (जेके 05 जी -1675) ने भागने की कोशिश की। लेकिन नाका कर्मियों ने निर्भीक होकर कार को रोका और चालक को हिरासत में ले लिया।
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पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम आबिद बताया, जोकि उसका वास्तविक नाम नहीं था। वह अपनी पहचान छुपाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन नाका कर्मियों ने उसे आसिफ पुत्र गुलाम मोहम्मद अलवी निवासी कनीसपोरा बारामुला के रूप में पहचाना। जोकि टीआरएफ का एक सक्रिय ओजीडब्ल्यू(आतंकियों का मददगार) है। कार की तलाशी लेने पर तीन चीनी ग्रेनेड बरामद हुए। जिन्हें चारकोल से भरे बैग में छुपाया गया था।
आसिफ टीआरएफ का एक मददगार है। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन बारामुला में 29 और पुलिस स्टेशन सोपोर में एक एफआईआर दर्ज है। जिनमें से ज्यादातर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज की गई हैं। उसे वर्ष 2015 से 2018 के बीच पीएसए के तहत चार बार हिरासत में लिया गया।