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15 लाख देकर भी नहीं मिली सरकारी नौकरी
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 02 Dec 2014 01:13 AM IST
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नौकरी के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह के सात लोगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच जम्मू ने चालान पेश किया। आरोपियों के खिलाफ 2012 में आरपीसी की धारा 419, 420, 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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आरोपी दिलीप धर (निवासी उधमपुर), जगतार सिंह उर्फ बिट्टू डेंटर (हाउसिंग कालोनी उधमपुर), बिलाल अहमद हांडू उर्फ डाक्टर (बेमिना श्रीनगर), मंजूर अहमद खान (बांडीपोरा), सैयद मकबूल हुसैन शाह और सैयद फिरदौस हुसैन (दोनों बीरवाह, बडगाम) तथा मोहम्मद रफीक (लाल बाजार श्रीनगर) के खिलाफ जांच पूरी करने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (उधमपुर) की अदालत में चालान पेश किया गया।
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मनोहर सिंह जंवाल (उधमपुर) की शिकायत पर क्राइम ब्रांच जम्मू ने केस दर्ज किया। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने बेटे और बेटी को सरकारी नौकरी दिलवाने के उद्देश्य से जगतार सिंह उर्फ बिट्टू डेंटर से मिले। सितंबर 2010 में उसने अन्य आरोपी दिलीप धर के साथ उसकी मीटिंग तय की।
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दिलीप धर ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलवाने के लिए चार लाख रुपये रिश्वत मांगी। दिलीप धर के आश्वासन पर उन्होंने चार लाख रुपये जमा करवा दिए। हालांकि इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
लंबे इंतजार के बाद जब शिकायतकर्ता ने दिलीप धर से संपर्क किया तो उसने अन्य आरोपी मोहम्मद रफीक और बिलाल अहमद हांडू के साथ श्रीनगर में उनकी मीटिंग तय की। साथ ही बताया कि दोनों जेएंडके बैंक बोर्ड और रेलवे भर्ती बोर्ड के सदस्य हैं।
दोनों आरोपियों ने नौकरी के लिए तुरंत उनके अकाउंट में रुपये जमा करवाने को कहा। शिकायतकर्ता ने उनके अकाउंट में 10.89 लाख रुपये जमा करवाए, लेकिन फिर भी कोई नौकरी नहीं मिली।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने रिकार्ड सीज किए और तमाम कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। जिस अकाउंट में रुपये जमा थे, उसे भी सीज कर लिया गया। साथ ही आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।