कहीं मोदी की रैली तो नहीं थी आतंकियों का निशाना?
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पाकिस्तानी मंसूबे फिर नाकाम हो गए। प्रशिक्षित और गोला-बारूद से लैस आतंकियों ने रात के अंधेरे में घुसपैठ कर भारतीय सेना के एक खाली बंकर पर कब्जा कर लिया। 92 इंफैंट्री का यह बंकर 1971की लड़ाई के समय तैयार किए गए बंकरों में से एक था।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल मनीष मेहता के अनुसार सरहद पर बसे कठार गांव के बाहर पाकिस्तानी आतंकियों के साथ दिन भर रुक-रुक कर चली मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हो गए। तीन जवान भी वीरगति को प्राप्त हुए। इससे पहले इन आतंकियों ने चार लोगों को गोलियों से भून दिया।
सूत्रों के मुताबिक एक आतंकी देर शाम मारा गया। मौके पर पाक निर्मित शैल भी मिला है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। परिस्थितिजन्य तथ्यों से यही प्रतीत होता है कि आतंकियों के निशाने पर शुक्रवार को उधमपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली थी।
अरनिया सेक्टर में पाक आतंकी घुसे, चार ढेर
मोदी जब-जब रियासत में आए हैं पाकिस्तान की ओर से कोई न कोई हरकत जरूर की गई है। वीरवार को सार्क सम्मेलन में मोदी और नवाज के हाथ मिलाने से कुछ ही पहले पाकिस्तानी आतंकी भारतीय नागरिको पर गोलियां बरसा रहे थे।
पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप, बीएसएफ, सीआपीएफ और सेना के साझा आपरेशन ने इस साजिश को नाकाम तो कर दिया लेकिन चुनावी प्रक्रिया के दौरान आतंकी हमलों की आशंका लगातार बरकरार है।
पुलिस महानिदेशक के राजेंद्रा ने कहा कि पुलिस के पास ऐसे कोई पुख्ता इनपुट नहीं थे कि आतंकियों के निशाने पर मोदी की रैली थी, पर इसे खारिज भी नहीं किया जा सकता। पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता कि आतंकी किस ओर निकलने की फिराक में थे।
प्रधानमंत्री की रैली के लिए उधमपुर और पुंछ दोनों ही जगह सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर दिए गए हैं। सुरक्षा प्रबंधों की लगातार समीक्षा की जा रही है। आईजी बीएसएफ राकेश कुमार ने अरनिया सेक्टर में घुसपैठ से इनकार किया है।
वारदात में तीन जवानों की भी मौत
उनका कहना था कि 20 किलोमीटर क्षेत्र का सर्वे किया गया है, कहीं भी फेंसिंग क्षतिग्रस्त नहीं हुई है। सर्विलांस और सुरक्षा ग्रिड भी पूरी तरह सक्रिय और सतर्क है। भरपूर कोशिश के बावजूद शाम ढलने तक आपरेशन मुकम्मल नहीं किया जा सका।
दिन भर हेलीकाप्टर से निगाह रखी गई। बंकर में छिपे आतंकियों को हर तरफ से घेर लिया गया है। इनकी संख्या निश्चित नहीं है, पर ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने दस आतंकी देखे हैं। रात में आपरेशन चलाने के लिए दो बख्तरबंद टैंक बंकर के पास पहुंच गए हैं।
रोशनी के इंतजाम के लिए बड़ी क्षमता वाले जेनरेटर मंगवाए गए हैं। खबर लिखे जाने तक सेना के जवान हाई अलर्ट पर थे। आदेश मिलते ही वे किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
आंतकियों ने चार नागरिकों को भी गोली मारी
सैन्य सूत्रों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बंकर पर काबिज आतंकियों को सुबह सबसे पहले कुछ बच्चों ने देखा। घटना की सूचना पाकर मौके की तरफ बढ़े दो जवानों को भी आतंकियों ने अपने निशाने पर ले लिया।
इस दौरान पुलिस के एसओजी के कमांडो, बीएसएफ और सेना ने बंकर को चारों ओर से घेर लिया। बंकर की ओर जा रहे एक बाइक सवार को सेना ने शोर मचाकर रुकने को कहा, लेकिन उसे पहले तो सुनाई नहीं दिया।
जब खतरे का अहसास होने पर उसने मुड़ना चाहा तो आतंकियों ने उसे भी गोली मार दी। इसी बीच खेतों की ओर जा रहे एक किसान ने वापस भागने की कोशिश की तो उस पर भी गोलियां चलाईं गईं।
उसे सेना ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। सेना के अनुसार घटनास्थल पर तीन आतंकी भी ढेर हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक एक ग्रामीण गायब है। सेना ने मौके के पास ही पंचायत घर में अस्थाई कैंप बना लिया है। एहतियातन पूरे गांव को खाली करवा दिया गया है।