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ये लक्षण बताएंगे कहीं आपका बेटा नशे की चपेट में तो नहीं?
Updated Wed, 06 May 2015 12:44 PM IST
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रियासत के युवाओं में नशे का चलन बढ़ा है। साइक्रेटरी अस्पताल के ओपियम सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) केंद्र में हीरोइन और अफीम के पीड़ितों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इसमें अधिकांश युवा शहरी इलाकों से बड़े घरों से हैं।
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युवाओं में नशे की लत मिटाने के लिए नशीले कैप्सूल, नींद की गोलियां, दर्द निवारक दवाइयों, खांसी के स्रिप आदि के अलावा हीरोइन और अफीम का नशा भी तेजी से बढ़ रहा है।
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अस्पताल में एड्स कंट्रोल सोसायटी के सहयोग से चलाए जा रहे ओपियम सब्सिट्यूट थेरेपी (ओएसटी) सेंटर में थैरेपी के लिए रोजाना 70-80 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 130 पीड़ित पंजीकृत हो चुके हैं। जिसमें जिला जम्मू से अधिक हैं।
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साइक्रेटरी अस्पताल के एचओडी मनोचिकित्सक डा. जगदीश थापा के अनुसार अस्पताल में सामान्य 150-200 ओपीडी में 10-20 ड्रग्स से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। 15-30 आयु वर्ग के युवाओं में नशे का चलन बढ़ा है।
इन लक्षणों से होती नशे के आदी युवाओं की पहचान
-देरी से उठना
-परिवार से दूरी बनाना
- व्यवहार में बदलाव आना
- बाथरूम में सिरंज आदि मिलना
- सामान्य से कम खाना खाना
बचाव
-बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें
-उन्हें ज्यादा अकेला न छोड़ें
-नशे से जुड़ी चीजों की मांग को गंभीरता से लें
-परिवार से दूरी बनाना
- व्यवहार में बदलाव आना
- बाथरूम में सिरंज आदि मिलना
- सामान्य से कम खाना खाना
बचाव
-बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें
-उन्हें ज्यादा अकेला न छोड़ें
-नशे से जुड़ी चीजों की मांग को गंभीरता से लें