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फर्जी वारंट बना की एक करोड़ की हेराफेरी!
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 24 Jan 2015 07:07 PM IST
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एक करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी बांड बनाकर धोखाधड़ी करने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने मोगली स्केलटा इलेट्रो लिमिटेड और गांधी नगर निवासी विशाल महाजन के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जेएंडके बैंक की आरएस पुरा ब्रांच के हेड विजय कुमार ने आरोप लगाया कि बैंक के नाम से एक करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी बांड (0012655/24 नवंबर 2014) बनाई गई, जिसे शिवम इंटरप्राइजेज, नारायणा विहार, नई दिल्ली के नाम पक्ष में जारी किया गया।
जबकि ऐसी कोई बैंक गारंटी बैंक की ओर से जारी ही नहीं की गई है। आरोप लगाया गया कि जिस स्टांप पेपर पर गारंटी बनी है, वह विशाल महाजन (निवासी गांधी नगर) के नाम पर खरीदा गया था।
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इसका उपयोग मोगली स्केलटा इलेट्रो लिमिटेड के लिए किया गया। बैंक गारंटी पर बैंक की फर्जी सील के अलावा धोखाधड़ी से अधिकारी के हस्ताक्षर भी किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक के अलावा इसके लाभार्थी को ठगना था।
शिकायत की आरंभिक जांच करने के बाद क्राइम ब्रांच ने मोगली स्केलटा इलेट्रो लिमिटेड के अधिकारियों और विशाल महाजन के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 466, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया।
जांच में पता चला कि मोगली स्केलटा के अलावा विशाल महाजन ने आपराधिक घटना को अंजाम देते हुए बेईमानी और धोखाधड़ी से फर्जी गारंटी बनाई, ताकि बैंक को ठगा जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक और जिसे गारंटी जारी की गई, उसे ठगना था। मामले की जांच चल रही है।
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जेएंडके बैंक की आरएस पुरा ब्रांच के हेड विजय कुमार ने आरोप लगाया कि बैंक के नाम से एक करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी बांड (0012655/24 नवंबर 2014) बनाई गई, जिसे शिवम इंटरप्राइजेज, नारायणा विहार, नई दिल्ली के नाम पक्ष में जारी किया गया।
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जबकि ऐसी कोई बैंक गारंटी बैंक की ओर से जारी ही नहीं की गई है। आरोप लगाया गया कि जिस स्टांप पेपर पर गारंटी बनी है, वह विशाल महाजन (निवासी गांधी नगर) के नाम पर खरीदा गया था।
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इसका उपयोग मोगली स्केलटा इलेट्रो लिमिटेड के लिए किया गया। बैंक गारंटी पर बैंक की फर्जी सील के अलावा धोखाधड़ी से अधिकारी के हस्ताक्षर भी किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक के अलावा इसके लाभार्थी को ठगना था।
शिकायत की आरंभिक जांच करने के बाद क्राइम ब्रांच ने मोगली स्केलटा इलेट्रो लिमिटेड के अधिकारियों और विशाल महाजन के खिलाफ आरपीसी की धारा 420, 465, 466, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया।
जांच में पता चला कि मोगली स्केलटा के अलावा विशाल महाजन ने आपराधिक घटना को अंजाम देते हुए बेईमानी और धोखाधड़ी से फर्जी गारंटी बनाई, ताकि बैंक को ठगा जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य बैंक और जिसे गारंटी जारी की गई, उसे ठगना था। मामले की जांच चल रही है।