जम्मू-कश्मीर में 23 दिन से लापता कांस्टेबल का शव नाले से बरामद
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राज्य पुलिस के लापता कांस्टेबल समीर जी कुमार का शव बुधवार की सुबह कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में पोहरू नाले से बरामद कर लिया गया। समीर जी कुमार 14 मई को इसी इलाके से लापता हुआ था। बाद में पता चला कि समीर की हत्या कर शव नाले में फेंक दिया गया था। उसी के साथी एसपीओ ने उसकी हत्या की बात कबूली थी।
हालांकि, उसकी ओर से कई बार बयान बदले जाने के बाद मामला संदेहास्पद लग रहा था। ऐसे में शव मिलने के बाद मृतक समीर जी कुमार के परिवार वालों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।गौरतलब है कि कांस्टेबल समीर जी कुमार को तलाशने और मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
एसआईटी द्वारा आरोपी एसपीओ से लगातार की गई पूछताछ में एसपीओ ने कबूला था कि समीर जी कुमार को मारने के पीछे उसी का हाथ था। उसका आरोप है कि घटना से पूर्व समीर ने पहलगाम में उसके साथ कुकर्म किया था। इसी नाराजगी में उसने उसका कत्ल कर दिया।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार
समीर के परिवार वालों ने आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि उनका बेटा एक अच्छी छवि का था। बता दें कि समीर का शव मिलने से पहले कश्मीरी पंडितों और परिवार वालों ने कई बार उग्र प्रदर्शन किया था। परिवार का यह भी आरोप है कि एक सोची समझी साजिश के तहत समीर की हत्या की गई है।
मृतक कांस्टेबल के चाचा चांद जी कुमार का कहना है कि उन्हें इस मामले में काफी संदेह लग रहा है। एसपीओ ने कई बार अपने बयान बदले हैं। पहले उसने कहा कि कांस्टेबल अपने अफेयर से तंग आकर नदी में कूद गया।
फिर उसने कहा कि उसके साथ कुकर्म हुआ। इसकी वजह से उसने हत्या कर दी। पुलिस इस मामले की सही से जांच करे, ताकि हकीकत सामने आ सके।