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जज के आदेश के खिलाफ अपील खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 19 Dec 2014 07:54 PM IST
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएम कुमार और जस्टिस ताशी राबस्तन की खंडपीठ ने सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की उस अपील को रद कर दिया, जिसमें उन्होंने रिट कोर्ट के एक अक्तबूर 2014 के फैसले को चुनौती दी। इसमें कोआपरेटिव सोसाइटी के रजिस्ट्रार व प्रतिवादी अजीत कुमार बावा की याचिका को अनुमति दी थी।
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बैंक के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स ने दो एलपीए फाइल की थीं और अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। जम्मू-कश्मीर स्पेशल ट्रिब्यूनल ने कोआपरेटिव सोसाइटी रजिस्ट्रार द्वारा छह मई 2014 को दिए आदेश पर स्टे लगा दिया था। जिसे रिट कोर्ट में चुनौती दी गई थी। रजिस्ट्रार के समक्ष बैंक के बोर्ड की वैधता को चुनौती दी थी।
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इसके बाद रजिस्ट्रार ने छह मई 2014 को अंतरिम आदेश पारित करते हुए बोर्ड को तब तक अपने अधिकार का उपयोग नहीं करने को कहा, जबकि अंतरिम आदेश को बदला नहीं जाता। आदेश में कहा गया कि बैंक के मामलों को तब तक ज्वाइंट रजिस्ट्रार (प्रशासन) कोआपरेटिव सोसाइटीज देखेंगे। इस आदेश पर स्पेशल ट्रिब्यूनल ने आठ मई 2014 को स्टे लगा दिया था।
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खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि सिंगल जज द्वारा दिए गए किसी भी आदेश के खिलाफ कोई पत्र या अपील खड़ी नहीं हो सकती। एक बार स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद ऐसा नहीं लगता कि वकीलों की ओर से उठाए गए सवालों पर विचार किया जाए। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने दोनों एलपीए को रद कर दिया।
जेएनएफ