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वह कार चोर गैंग जिसने डीएसपी को भी न बख्शा, फिल्मी स्टाइल में वारदात को देते थे अंजाम, गिरोह बेनकाब

Fri, 23 Aug 2019 10:02 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 23 Aug 2019 10:02 AM IST
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Car thieves gang expose in jammu, Car theft in film style, jammu kashmir news
पुलिस की गिरफ्त में कार चोर गैंग - फोटो : अमर उजाला

चोरी की गई गाड़ियों पर कंडम वाहनों के चेचिस और इंजन नंबर लगाकर बेचने वाले गिरोह के 4 लोगों को गांधीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में टेक्नीशियन और आरटीओ कार्यालय के एजेंट भी शामिल हैं जो बाद में आरसी बनाने का काम करते थे। इनसे अलग-अलग जगह से चोरी किए 5 वाहन बरामद हुए हैं। इनमें एक महिला डीएसपी की जिप्सी भी शामिल है जो मई में नानक नगर से चोरी हुई थी। गांधीनगर पुलिस के एसएचओ गुरनाम सिंह चौधरी के नेतृत्व में बनी टीम ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है।

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एसपी साउथ विनय कुमार ने वीरवार को प्रेस वार्ता में बताया कि गिरोह का सरगना टीटू अलियास करम कुमार निवासी हरनाम नगर बटाला (पंजाब) का रहने वाला है जो इस समय वार्ड नंबर 13 शास्त्री नगर कठुआ में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल लिया है। अन्य आरोपियों में अश्वनी कुमार निवासी बिश्नाह, तजेंद्र सिंह निवासी प्रीत नगर डिगियाना और आफताब अहमद निवासी श्रीनगर शामिल हैं। आफताब वर्तमान में छन्नी हिम्मत में रह रहा था। इनसे पूछताछ जारी है।  
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दूसरे प्रयास में चुराई थी डीएसपी की जिप्सी
पुलिस के मुताबिक यह गैंग प्लानिंग से गाड़ियां चुराता था। गैंग का हर सदस्य अपने-अपने काम में एक्सपर्ट था। महिला डीएसपी की जिप्सी चोरी करने के लिए इस गिरोह ने दो बार प्रयास किया है। एक बार असफल हुए तो दूसरी बार चोरी करने के लिए चुराई गई टाटा इंडिगो सीएस कार का इस्तेमाल किया। पुलिस ने जिप्सी और कार को कठुआ से बरामद किया है।
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गाड़ी चोरी करने के बाद पुरानी गाड़ियों का काम करने वाले अश्वनी कुमार और तजेंद्र सिंह कंडम गाड़ियों के चेचिस और इंजन नंबर चोरी की गई गाड़ियों पर लगाते थे। दोनों इतनी सफाई से काम करते थे कि किसी को कोई भनक तक नहीं लगती थी। इसके बाद गिरोह में शामिल आरटीओ कार्यालय के एजेंट का काम शुरू होता था। अफताब नाम का एजेंट आरटीओ कार्यालय में अपनी साठगांठ से चोरी की गई गाड़ियों की नई आरसी तैयार करता था। इसके बाद गिरोह इन गाड़ियों को बेचने का काम करते थे। गिरोह ने मारुती जिप्सी, इंडिका विस्टा और दो एक्टिवा गांधीनगर से और इंडिगो सीएस को पक्का डांगा से चुराया था।

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