फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   A year in prison on bribery

500 रुपये की रिश्वत लेने पर एक साल जेल

Sat, 28 May 2016 09:49 PM IST
जेएनएफ/जम्मू
जेएनएफ/जम्मू Updated Sat, 28 May 2016 09:49 PM IST
विज्ञापन
A year in prison on bribery
जेल - फोटो : Demo Pic.
मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे के साथ शारीरिक छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने गए पिता से मामला दर्ज करने के एवज में 500 रुपये की रिश्वत लेने के दोषी पाए गए पुलिस अधिकारी को एक साल की कैद और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। 
विज्ञापन


स्पेशल जज एंटी करप्शन जम्मू एके कौल ने वर्ष 2008 से विचाराधीन मामले का निपटारा करते हुए अखनूर पुलिस स्टेशन के तत्कालीन इंचार्ज एसएचओ गिरधारी लाल को दोषी
विज्ञापन

करार देते हुए सजा में नरमी देने से इंकार कर दिया।

अदालत ने कहा कि रिश्वत की राशि भले ही छोटी रही हो, लेकिन एक जिम्मेदार अधिकारी ने जिस तरह से मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर अपने कर्तव्य को ताक पर रखा है, वह क्षमा योग्य नहीं है। गिरधारी लाल को 5000 रुपये की जुर्माना राशि सहित एक वर्ष की कैद दी जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता पिता 13/14 जनवरी 2008 की रात गवाहों के साथ पुलिस थाने गए थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि बिक्रम कुमार उर्फ विक्की ने उनके मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे का शारीरिक उत्पीड़न किया है। मुंशी ने शिकायत सुनकर इंचार्ज थाना प्रभारी से बात करने को कहा।

इंचार्ज थाना प्रभारी के पास शिकायत लेकर गए तो एफआईआर दर्ज करने के लिए एक हजार रुपये मांगे गए। शिकायतकर्ता ने साथ आए गवाह से 500 रुपये उधार लेकर उसे थाना प्रभारी को दिया। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत 10 अप्रैल 2008 को एसएसपी जम्मू से की।

इस पर एसडीपीओ ने जांच की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार शिकायतकर्ता ने पुलिस विभाग के इस बर्ताव की शिकायत अदालत से की, जिसके बाद मामला एसएसपी विजिलेंस आर्गनाइजेशन जम्मू के पास पहुंच गया। विजिलेंस ने जांच की तो आरोप सच साबित हुए।


विजिलेंस ने जांच में पाया कि थाने की दैनिक डायरी में शिकायतकर्ता के आने और जाने का समय तक दर्ज नहीं किया गया था। विजिलेंस ने चार्जशीट में पीसी एक्ट की धारा 5(2) और आरपीसी की धारा 161 के तहत आरोप तय किए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed