हेमराज के हत्यारे पर मेहरबान थी आईएसआई
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वर्ष 2013 में आठ जनवरी को भारतीय सेना के जवानों के सिर काटने की साजिश पुंछ के मेंढर मनकोट सेक्टर में मारे गए लश्कर कमांडर मोहम्मद अनवर के घर पीओके में रची गई थी।
वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के लश्कर ग्रुप का सबसे तेज और सक्रिय आतंकी था। मेंढर के कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान की बैट टीम का अनवर हिस्सा था।
बैट हमले में आतंकी भारतीय सेना के जवान लांस नायक हेम राज का सिर काट ले गए थे और लांस नायक सुधाकर सिंह के सिर को भी बुरी तरह से क्षत-विक्षत छोड़ गए थे।
आईएसआई के कर्नल की मौजूदगी में हुई थी बैठक
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि अनवर पीओके के बरोच गांव का रहने वाला था और वहां पर उसकी किराने की दुकान थी। बैट हमले से पहले वह गाइड था, क्योंकि वह मेंढर से काफी वाकिफ था।
अनवर के घर पर आईएसआई के कर्नल सदीकी की मौजूदगी में हुई बैठक में आईएसआई के सूबेदार जावर खान, आजाद खान और अब्बासी ने शिरकत की। लश्कर-ए-तोएबा, हिज्ब और पाकिस्तानी सेना के लोग भी इसमें शामिल हुए।
हमला करने से पहले पीओके में बट्टर गांव के रहने वाले गाइड साबर खान ने मेंढर की कृष्णा घाटी की रैकी की और बैट टीम को जवानों की हर एक गतिविधि के बारे जानकारी दी। इसके बाद सूबेदार जावर खान के नेतृत्व वाली बैट टीम ने हमला कर दो जवानों के सिर काट दिए।
घटना के बाद अनवर को लश्कर का कमांडर बना
इस घटना को अंजाम देने के बाद अनवर को लश्कर का कमांडर बना दिया गया। कर्नल सदीकी ने अनवर को हमला करने के लिए पांच लाख रुपये का इनाम दिया।
अनवर के मुठभेड़ में ढेर होने से आईएसआई को तगड़ा झटका पहुंचा है। आईएसआई के कई अधिकारी मंगलवार को पीओके स्थित अनवर के घर शोक जताने पहुंचे। पिछले दो साल से अनवर आईएसआई और लश्कर का सबसे सक्रिय आतंकी था।