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पंजाब, हिमाचल से तोतों की तस्करी

Sat, 15 Sep 2018 02:20 AM IST
Updated Sat, 15 Sep 2018 02:20 AM IST
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पंजाब, हिमाचल से तोतों की तस्करी
जम्मू। रियासत में पंजाब, हिमाचल प्रदेश से प्रतिबंधित एलेक्सेनड्राइन पैराकीट्स तोतों की तस्करी की जा रही है। इनको राज्य में लाकर महंगे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाया जाता है। इनकी खासियत यह है कि यह एक वातावरण में रहकर सामने वाले की तरह बोल सकते हैं। इससे इनकी मांग अधिक रहती है। इन्हें गुपचुप तरीके से राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया जाता है।
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संभाग के मानसर, सुद्धमहादेव, चिनैनी आदि पहाड़ी इलाकों में एलेक्सेनड्राइन पैराकीट्स पाया जाता है। यह झुंड में रहते हैं। वन्यजीव विभाग के वार्डन अमित शर्मा ने बताया कि इन तोतों को मुख्य रूप से रात को पकड़ा जाता है। तस्कर दिन के समय इन तोतों के रहने वाले स्थानों की शिनाख्त करते हैं। ये अमूमन घोंसले में रहते हैं, जिससे रात्रि का फायदा उठाकर इन्हें वहां से निकाल कर कैद कर दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1978 एए 2002 के तहत एलेक्सेनड्राइन पैराकीट्स शेड्यूल्ड 4 सीरियल नंबर-52 की श्रेणी में आता है और इसे पकड़ना या कैद करना प्रतिबंधित है। इन मामलों को न्यायालय के अधीन रखकर आरोपी के खिलाफ मामला चलाया जाता है। वन्यजीव विभाग को अगर किसी जगह तोतों को पिंजरों में कैद रखने की शिकायत मिलती है तो उसे जब्त करके साथ उसके मालिक पर कानून के तहत मामला चलाने का प्रावधान है। इस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए किसी वारंट की जरूरत नहीं होती है।
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कैद में न रखें तोता, हो सकती है दो साल की सजा
शहर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों में शौक के तौर पर तोतों को पिंजरों में कैद करके रखा है, लेकिन ऐसी शिकायत मिलने पर तोता रखने वाले के खिलाफ कानूनी मामला बन सकता है। इस मामले में आरोपी को दो साल की सजा और 25000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि जमीनी स्तर पर तय कानून का पूरी तरह से पालन नहीं हो पाया है।
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