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आ रहा सेब का सीजन, ड्रग्स तस्कर सक्रिय, रोकथाम फिर एक चुनौती
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जम्मू। अगले महीने से बड़े स्तर पर सेब कश्मीर से जम्मू सहित देश के अन्य हिस्सों में जाने लगेगा। मुगल रोड और जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे दोनों रास्ते से सेब के बाहर भेजे जाते हैं। लेकिन सेब से भरे ट्रकों का इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी में होने की जानकारी है। यह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले साल भी कई ऐसे मामले सामने आए, जब सेब के ट्रकों में ड्रग्स की तस्करी होती नजर आई।
जानकारी के अनुसार कश्मीर से सेब का सीजन अगस्त से शुरू हो जाता है और दिसंबर तक चलता रहता है। इस बीच सेब की तीन से चार किस्में कश्मीर से दूसरे राज्यों तक पहुंचती हैं। लेकिन इसकी आड़ी में ड्रग्स तस्कर भी सक्रिय हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार 9 अगस्त, 7 सितंबर और 8 नवंबर 2018 को सेब से लदे ट्रक में 100 किलो से अधिक हेरोइन नारकोटिक्स कंट्रोल ने बरामद की थी। सेब की पेटियों में सेब की जगह नशीले पदार्थ छुपाकर ले जाया जाता है। मौजूदा वर्ष में 17 मार्च को सेब के ट्रक से 35 किलो चरस मिली थी। यह चरस भी सेब की पेटियों में छुपाकर ले जाई जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हेरोइन कश्मीर भेजी गई है। इसको कश्मीर से बाहर देश के अन्य हिस्सों में भेजने की तैयारी तस्करों ने की हैं, जो सेब के ट्रकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हर ट्रक को चेक कर पाना संभव नहीं
श्रीनगर से जम्मू तक कई बार सेब के ट्रक में ड्रग्स पहुंच गई। जबकि नेशनल हाईवे पर हर पुलिस थाना क्षेत्र में नाका है। बावजूद इसके ड्रग्स पहुंच जाता है। पुलिस के लिए यह संभव नहीं कि हर ट्रक की जांच की जा सके। राज्य पुलिस ट्रकों का फुल बाडी स्कैनर हाईवे पर लगाना चाहती है, लेकिन यह योजना पिछले दो साल से फाइलों में फंसी है।
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जानकारी के अनुसार कश्मीर से सेब का सीजन अगस्त से शुरू हो जाता है और दिसंबर तक चलता रहता है। इस बीच सेब की तीन से चार किस्में कश्मीर से दूसरे राज्यों तक पहुंचती हैं। लेकिन इसकी आड़ी में ड्रग्स तस्कर भी सक्रिय हो जाते हैं। जानकारी के अनुसार 9 अगस्त, 7 सितंबर और 8 नवंबर 2018 को सेब से लदे ट्रक में 100 किलो से अधिक हेरोइन नारकोटिक्स कंट्रोल ने बरामद की थी। सेब की पेटियों में सेब की जगह नशीले पदार्थ छुपाकर ले जाया जाता है। मौजूदा वर्ष में 17 मार्च को सेब के ट्रक से 35 किलो चरस मिली थी। यह चरस भी सेब की पेटियों में छुपाकर ले जाई जा रही थी। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में हेरोइन कश्मीर भेजी गई है। इसको कश्मीर से बाहर देश के अन्य हिस्सों में भेजने की तैयारी तस्करों ने की हैं, जो सेब के ट्रकों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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हर ट्रक को चेक कर पाना संभव नहीं
श्रीनगर से जम्मू तक कई बार सेब के ट्रक में ड्रग्स पहुंच गई। जबकि नेशनल हाईवे पर हर पुलिस थाना क्षेत्र में नाका है। बावजूद इसके ड्रग्स पहुंच जाता है। पुलिस के लिए यह संभव नहीं कि हर ट्रक की जांच की जा सके। राज्य पुलिस ट्रकों का फुल बाडी स्कैनर हाईवे पर लगाना चाहती है, लेकिन यह योजना पिछले दो साल से फाइलों में फंसी है।
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