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किश्तवाड़ में व्हाट्सएप ग्रुप का पंजीकरण अनिवार्य
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:44 AM IST
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किश्तवाड़। जिला प्रशासन ने व्हाट्सएप ग्रुप का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए 10 दिन में औपचारिकताएं पूरी करने की हिदायत दी गई है। डीडीसी अंग्रेज सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि व्हाट्सएप ग्रुप संचालित करने के लिए अनुमति ली जानी चाहिए अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।
आदेश में कहा गया है कि ग्रुप एडमिन को इस बात का शपथ पत्र भी देना होगा कि इस पर अपलोड होने वाली समस्त सूचनाओं के लिए वह जिम्मेदार होगा। यदि कोई तथ्य गलत होगा तो कार्रवाई के लिए वह तैयार होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि एनआईसी के जिला मुख्यालय पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही यदि ग्रुप में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाला कोई मैसेज पोस्ट होता है तो उस सदस्य को ग्रुप से निकालने के साथ ही इसकी रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में जरूर करें। यदि कोई व्यक्ति नया ग्रुप बनाना चाहता है तो उसे घोषणा पत्र जमा करना होगा। इसमें सभी ग्रुप मेंबर का ब्योरा भी देना होगा।
यह आदेश एसएसपी अबरार चौधरी की ओर से लिखे पत्र के बाद जारी किया गया है। एसएसपी ने अपने पत्र में लिखा था कि जिले में कई व्हाट्सएप तथा न्यूज ग्रुप सक्रिय है। यह सोशल मीडिया पर बिना पुष्ट किए हुए तथा आधी अधूरी सूचनाओं से जुड़ा वीडियो, आडियो तथा टैक्स्ट मैसेज पोस्ट करते हैं, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है। इस वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए यह जरूरी है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर समेत अन्य सोशल मीडिया पर अंकुश लगाया जाए।
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आदेश में कहा गया है कि ग्रुप एडमिन को इस बात का शपथ पत्र भी देना होगा कि इस पर अपलोड होने वाली समस्त सूचनाओं के लिए वह जिम्मेदार होगा। यदि कोई तथ्य गलत होगा तो कार्रवाई के लिए वह तैयार होगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि एनआईसी के जिला मुख्यालय पर पंजीकरण कराना होगा। साथ ही यदि ग्रुप में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाला कोई मैसेज पोस्ट होता है तो उस सदस्य को ग्रुप से निकालने के साथ ही इसकी रिपोर्ट संबंधित पुलिस थाने में जरूर करें। यदि कोई व्यक्ति नया ग्रुप बनाना चाहता है तो उसे घोषणा पत्र जमा करना होगा। इसमें सभी ग्रुप मेंबर का ब्योरा भी देना होगा।
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यह आदेश एसएसपी अबरार चौधरी की ओर से लिखे पत्र के बाद जारी किया गया है। एसएसपी ने अपने पत्र में लिखा था कि जिले में कई व्हाट्सएप तथा न्यूज ग्रुप सक्रिय है। यह सोशल मीडिया पर बिना पुष्ट किए हुए तथा आधी अधूरी सूचनाओं से जुड़ा वीडियो, आडियो तथा टैक्स्ट मैसेज पोस्ट करते हैं, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है। इस वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए यह जरूरी है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर समेत अन्य सोशल मीडिया पर अंकुश लगाया जाए।
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