{"_id":"616dcf7d83448f0acd549e8e","slug":"crime-rspura-news-jmu246071329","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीनी विवाद को लेकर सोमवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीनी विवाद को लेकर सोमवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची
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मीरां साहिब। ब्लॉक मीरां साहिब के गांव निहालपुर सिंबल में कुछ किसान परिवारों और एक स्कूल प्रबंधन के बीच चल रहे भूमि विवाद मामले में सोमवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम ने जमीन की पैमाइश की। ताकि मामले को सुलझाया जा सके।
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि विवाद सुलझाने के मकसद से भूमि की पैमाइश की गई है। उसके बाद रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। राजस्व विभाग की टीम में नायब तहसीलदार, पटवारी तथा अन्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने जमीन से निकलने वाले पुराने रास्तों का रिकॉर्ड खंगाला। खासकर रेलवे पटरी की भूमि को लेकर जांच की। मौके पर मौजूद किसान सुरेंद्र पाल, जोगिंदर लाल तथा विमल कुमार आदि ने कहा कि गांव के किसान परिवार कई साल से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। अब स्कूल प्रबंधन की तरफ से उक्त भूमि को विवादित बताकर किसानों को परेशान किया जाता है। उन्हें दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से तीन रास्ते निकलते थे और हम चाहते हैं कि इन तीनों रास्तों की जमीन की निशानदेही होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में राजस्व विभाग से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अब राजस्व विभाग की टीम उनकी जमीन की पैमाइश करने पहुंची है। उम्मीद जगी है कि उनके साथ जरूर इंसाफ होगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आज जमीन की पैमाइश की है। इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। उनके अनुसार यहां से निकलने वाले पुराने रास्तों की जमीन की निशानदेही की जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि यह विवाद लंबे समय से चलता रहा है। फिलहाल राजस्व विभाग की टीम ने भूमि की निशानदेही कर ली है। उम्मीद की जा सकती है कि जल्द रिपोर्ट पर फैसला आएगा और सभी को इंसाफ मिलेगा।
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राजस्व अधिकारियों ने बताया कि विवाद सुलझाने के मकसद से भूमि की पैमाइश की गई है। उसके बाद रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। राजस्व विभाग की टीम में नायब तहसीलदार, पटवारी तथा अन्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने जमीन से निकलने वाले पुराने रास्तों का रिकॉर्ड खंगाला। खासकर रेलवे पटरी की भूमि को लेकर जांच की। मौके पर मौजूद किसान सुरेंद्र पाल, जोगिंदर लाल तथा विमल कुमार आदि ने कहा कि गांव के किसान परिवार कई साल से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। अब स्कूल प्रबंधन की तरफ से उक्त भूमि को विवादित बताकर किसानों को परेशान किया जाता है। उन्हें दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से तीन रास्ते निकलते थे और हम चाहते हैं कि इन तीनों रास्तों की जमीन की निशानदेही होनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि इस संबंध में राजस्व विभाग से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अब राजस्व विभाग की टीम उनकी जमीन की पैमाइश करने पहुंची है। उम्मीद जगी है कि उनके साथ जरूर इंसाफ होगा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आज जमीन की पैमाइश की है। इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी। उनके अनुसार यहां से निकलने वाले पुराने रास्तों की जमीन की निशानदेही की जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि यह विवाद लंबे समय से चलता रहा है। फिलहाल राजस्व विभाग की टीम ने भूमि की निशानदेही कर ली है। उम्मीद की जा सकती है कि जल्द रिपोर्ट पर फैसला आएगा और सभी को इंसाफ मिलेगा।