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Jammu News: खुद को कर्नल बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 26 युवाओं से 2.39 करोड़ ठगे
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-ठगी के पैसे से खरीदा 1.22 करोड़ का डुपलेक्स, इसे कुर्क कर पुलिस ने 75 लाख रुपये 17 पीड़ितों में बांटे
- नगरोटा थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद 25 और पीड़ितों के नाम सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पलांवाला निवासी हरप्रीत सिंह ने खुद को कर्नल बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 26 युवाओं से 2.39 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों से लाखों की नकदी बरामद कर पीड़ितों को बांट दी है। आरोपी ने यह पैसा एक दो मंजिला डुप्लेक्स खरीदने में लगा दिया। डुप्लेक्स की कुर्की से पुलिस ने 75 लाख बरामद कर 17 पीड़ितों में बांटे हैं।
पहली शिकायत नगरोटा के अरुण शर्मा ने नगरोटा पुलिस स्टेशन में की। शिकायत पर जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अरुण के अलावा भी 25 लोग और हैं, जिनके साथ ठगी हुई है। बुधवार को एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगरोटा थाने में छह नवंबर, 2024 हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। हरप्रीत लोगों को एमईएस, रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके ठगता था। मामले की जांच में पता चला कि छन्नी की कमलजीत कौर और हरप्रीत की माता परमजीत कौर के बीच छन्नी में बने दो मंजिला डुप्लेक्स की खरीद का अनुबंध हुआ है।
यह अनुबंध 2.22 करोड़ रुपये का था। यह भी पता चला कि कमलजीत कौर और उसके पति सुरिंद्र सिंह ने आरोपी हरप्रीत से ऑनलाइन व नकद 1.93 करोड़ रुपये लिए। यह पैसा हरप्रीत ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ितों से एकत्र किया था।
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अदालती कार्रवाई में पैसे लौटाने पर सहमत, अन्यथा नीलाम होना था डुप्लेक्स
पुलिस ने गत 18 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जम्मू से इस डुप्लेक्स को कुर्की करने की मंजूरी ली। लेन-देन में प्रयुक्त धन के स्रोत को उचित ठहराने के लिए अभियुक्त को 14 दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, अन्यथा संपत्ति की नीलामी की जानी थी। लेकिन, वे इस लेन-देन का कोई ठोस सबूत नहीं दे सके। अदालती कार्यवाही के दौरान कमलजीत कौर ने न्यायिक रूप से स्वीकार किया कि उन्हें अभियुक्तों 1.53 करोड़ मिले थे।
कमलजीत ने स्वेच्छा से प्रारंभिक राशि वापस करने पर सहमति व्यक्त की और 7 दिनों के भीतर 50 लाख और शेष 1.03 करोड़ दो महीनों के भीतर जमा करने का वादा दिया। न्यायालय ने निर्णय दिया कि जब तक स्वीकृत राशि पूरी तरह से जमा नहीं हो जाती कुर्की आदेश प्रभावी रहेगा। अदालती आदेश के तहत पुलिस ने 75 लाख की राशि बरामद कर 17 पीड़ितों के बीच चेक के माध्यम से वितरित कर दी। बाकी के पीड़ितों को पैसे देने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रत्येक पीड़ित ने दिए 10 से 11 लाख, गम में एक की मां की चली गई जान
जांच में पता चला कि प्रत्येक पीड़ित ने लगभग 10 से 11 लाख रुपये आरोपी को दिए। इनमें से एक पीड़ित की मां का गम में देहांत हो गया। खुद एसएसपी जम्मू ने कहा कि पीड़ित शुभम की माता की बेटे का पैसा चलने की वजह से देहांत हो गया।
इनको लौटाए पैसे आदित्य: 3.44 लाख
आर्यन : 3.44
अमन शर्मा: 3.44
दीपक शर्मा: 6.16
मनीश बड़ू: 3.69
गौरव शर्मा: 3.58
अभिषेक शर्मा: 3.54
कुलदीप कुमार: 8.08
विशाल सिंह: 2.5 प्रिक्षित सिंह 6.61
शुभम शर्मा: 4.96
महेश कुमार: 4.82
शिव सनमोत्रा: 4.82
राहुल लखनोत्रा: 4.12
राकेश वर्मा: 3.08
अजय शर्मा: 6.16
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- नगरोटा थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद 25 और पीड़ितों के नाम सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पलांवाला निवासी हरप्रीत सिंह ने खुद को कर्नल बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 26 युवाओं से 2.39 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले को सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों से लाखों की नकदी बरामद कर पीड़ितों को बांट दी है। आरोपी ने यह पैसा एक दो मंजिला डुप्लेक्स खरीदने में लगा दिया। डुप्लेक्स की कुर्की से पुलिस ने 75 लाख बरामद कर 17 पीड़ितों में बांटे हैं।
पहली शिकायत नगरोटा के अरुण शर्मा ने नगरोटा पुलिस स्टेशन में की। शिकायत पर जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अरुण के अलावा भी 25 लोग और हैं, जिनके साथ ठगी हुई है। बुधवार को एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगरोटा थाने में छह नवंबर, 2024 हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। हरप्रीत लोगों को एमईएस, रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झूठा वादा करके ठगता था। मामले की जांच में पता चला कि छन्नी की कमलजीत कौर और हरप्रीत की माता परमजीत कौर के बीच छन्नी में बने दो मंजिला डुप्लेक्स की खरीद का अनुबंध हुआ है।
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यह अनुबंध 2.22 करोड़ रुपये का था। यह भी पता चला कि कमलजीत कौर और उसके पति सुरिंद्र सिंह ने आरोपी हरप्रीत से ऑनलाइन व नकद 1.93 करोड़ रुपये लिए। यह पैसा हरप्रीत ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ितों से एकत्र किया था।
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अदालती कार्रवाई में पैसे लौटाने पर सहमत, अन्यथा नीलाम होना था डुप्लेक्स
पुलिस ने गत 18 जनवरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जम्मू से इस डुप्लेक्स को कुर्की करने की मंजूरी ली। लेन-देन में प्रयुक्त धन के स्रोत को उचित ठहराने के लिए अभियुक्त को 14 दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, अन्यथा संपत्ति की नीलामी की जानी थी। लेकिन, वे इस लेन-देन का कोई ठोस सबूत नहीं दे सके। अदालती कार्यवाही के दौरान कमलजीत कौर ने न्यायिक रूप से स्वीकार किया कि उन्हें अभियुक्तों 1.53 करोड़ मिले थे।
कमलजीत ने स्वेच्छा से प्रारंभिक राशि वापस करने पर सहमति व्यक्त की और 7 दिनों के भीतर 50 लाख और शेष 1.03 करोड़ दो महीनों के भीतर जमा करने का वादा दिया। न्यायालय ने निर्णय दिया कि जब तक स्वीकृत राशि पूरी तरह से जमा नहीं हो जाती कुर्की आदेश प्रभावी रहेगा। अदालती आदेश के तहत पुलिस ने 75 लाख की राशि बरामद कर 17 पीड़ितों के बीच चेक के माध्यम से वितरित कर दी। बाकी के पीड़ितों को पैसे देने की प्रक्रिया चल रही है।
प्रत्येक पीड़ित ने दिए 10 से 11 लाख, गम में एक की मां की चली गई जान
जांच में पता चला कि प्रत्येक पीड़ित ने लगभग 10 से 11 लाख रुपये आरोपी को दिए। इनमें से एक पीड़ित की मां का गम में देहांत हो गया। खुद एसएसपी जम्मू ने कहा कि पीड़ित शुभम की माता की बेटे का पैसा चलने की वजह से देहांत हो गया।
इनको लौटाए पैसे आदित्य: 3.44 लाख
आर्यन : 3.44
अमन शर्मा: 3.44
दीपक शर्मा: 6.16
मनीश बड़ू: 3.69
गौरव शर्मा: 3.58
अभिषेक शर्मा: 3.54
कुलदीप कुमार: 8.08
विशाल सिंह: 2.5 प्रिक्षित सिंह 6.61
शुभम शर्मा: 4.96
महेश कुमार: 4.82
शिव सनमोत्रा: 4.82
राहुल लखनोत्रा: 4.12
राकेश वर्मा: 3.08
अजय शर्मा: 6.16