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बैंक ने क्लेम देने से पल्ला झाड़ा
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बाड़ी ब्राह्मणा। खाते से ऑनलाइन 5.85 लाख की ठगी मामले में बैंक ने एक सप्ताह के बाद अपना पल्ला झाड़ लिया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि आरबीआई की गाइड लाइन में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे मामलों में पुलिस की साइबर सेल ही कार्रवाई कर सकती है।
विदित हो कि 30 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मणा निवासी इरफान अहमद के एक्सिस बैंक के खाते से 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। उनके खाते से पेटीएम और दो अन्य खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में इरफान अहमद ने बैंक में शिकायत की थी। करीब चार दिन की जांच पड़ताल के बाद अब बैंक ने शिकायत के जवाब में कहा है कि बैंक के जरिये अगर किसी प्रकार का लेनदेन होता है तो बैंक इसकी भरपाई करने पर विचार करता है, लेकिन अगर उपभोक्ता से किसी प्रकार के फोन के जरिये ओटीपी, कार्ड नंबर आदि की जानकारी ली जाती है और उसके बाद उपभोक्ता के खाते से किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। इस बारे में पुलिस आगे कार्रवाई करेगी, और साइबर सेल इसकी पड़ताल करेगा। साइबर सेल इस जांच में बैंक से जो मदद चाहेगी वह कार्रवाई करने के लिए तैयार है। शाखा प्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि हम साइबर सेल को पूरा सहयोग करेंगे।
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विदित हो कि 30 जुलाई को बाड़ी ब्राह्मणा निवासी इरफान अहमद के एक्सिस बैंक के खाते से 5.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। उनके खाते से पेटीएम और दो अन्य खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में इरफान अहमद ने बैंक में शिकायत की थी। करीब चार दिन की जांच पड़ताल के बाद अब बैंक ने शिकायत के जवाब में कहा है कि बैंक के जरिये अगर किसी प्रकार का लेनदेन होता है तो बैंक इसकी भरपाई करने पर विचार करता है, लेकिन अगर उपभोक्ता से किसी प्रकार के फोन के जरिये ओटीपी, कार्ड नंबर आदि की जानकारी ली जाती है और उसके बाद उपभोक्ता के खाते से किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है इसके लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। इस बारे में पुलिस आगे कार्रवाई करेगी, और साइबर सेल इसकी पड़ताल करेगा। साइबर सेल इस जांच में बैंक से जो मदद चाहेगी वह कार्रवाई करने के लिए तैयार है। शाखा प्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि हम साइबर सेल को पूरा सहयोग करेंगे।
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