फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   crime,jammu kashmir,froud

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपी को जमानत नहीं

विज्ञापन
crime,jammu kashmir,froud
जम्मू। नौकरी के नाम पर ठगी मामले में सीजेएम जम्मू ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। आरोप है कि पुलवामा के रहने वाले हरमीत सिंह ने एनएचपीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की है। नबाबाद पुलिस स्टेशन में इस संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन

पुलिस ने सीजेए को जानकारी दी है कि आरोपी के पास बहुत कुछ बरामद हुआ है। इसमें फर्जी आधार कार्ड, पीडीडी का फर्जी आईकार्ड, तीन एटीएम कार्ड, 25 लाख रुपये के 6 चेक, 14 फर्जी नियुक्ति पत्र, तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। फर्जी आधार कार्ड पर आरोपी ने अपना नाम मंदीप सिंह लिखवा रखा है। यह भी बताया गया है कि आरोपी ने अपने पास जो 25 लाख के चेक रखे हैं, वह लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसा सके कि पहले भी कई लोगों को उसने नौकरी दिलाई और उसके बदले उसे पैसे मिले हैं। आरोपी बहुत से लोगों को चूना लगा चुका है। सीजेएम अमरजीत सिंह ने एसएसपी जम्मू को आदेश दिया कि इस मामले की तह तक जांच करे, ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी के साथ कौन कौन लोग शामिल हैं। यह एक गिरोह भी हो सकता है। जो युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता है। उन्होंने कहा कि इतना कुछ बरामद होने और सबूत मिलने के बाद भी पुलिस इस मामले में जांच करने की कोई खास रुचि नहीं दिखा रही। लिहाजा एसएसपी इस मामले की तह तक जांच करें। रही बात आरोपी को जमानत देने की तो उसे जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। हरमीत सिंह को 14 दिसंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

-------
64 लाख की ठगी में जमानत नामंजूर
उधर, सिटी जज जम्मू मंजीत राय ने 64 लाख की ठगी मामले में आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले सलीम कुरैश ने जम्मू के रहने वाले अखरोट व्यापारी से ठगी की थी। सिटी जज ने महसूस किया कि एक गैर-जमानती अपराध में जमानत देते समय विभिन्न बातों को ध्यान में रखना चाहिए, जैसे कि सबूत की प्रकृति और गंभीरता, गवाहों के साथ छेड़छाड़ की उचित आशंका आदि। यदि अपराध एक प्रकार का है जिसमें जमानत नहीं दी जानी चाहिए तो इसकी गंभीरता को देखते हुए अदालत को जमानत से इंकार कर देना चाहिए। लिहाजा आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed