दोमाना के वार्ड नंबर 32 के मुंशी चक क्षेत्र में मरम्मत के दौरान करंट लगने से लाइनमैन की मौत हो गई। घटना रविवार सुबह 10 बजे की है। परिजनों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति बंद की गई थी, लेकिन जेडीए के कर्मी ने बिजली ऑन कर दी, जिससे दर्शन लाल (42) करंट लगने से झुलस गया। भड़के परिजनों ने दोपहर एक बजे गोल गुजराल सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। बिजली विभाग और जेडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरना तीन बजे तक चला। जिससे दो घंटे यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने पीछे से बिजली ऑन करने वाले कर्मी व एक अन्य मजदूर को हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों ने कहा कि लाइनमैन दर्शन लाल बिजली के खंभे पर चढ़कर लाइन की मरम्मत कर रहा था। इस दौरान ट्रांसफार्मर से बिजली बंद की गई थी, लेकिन जेडीए के कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
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प्रदर्शन करते परिजन व इलाके के लोग
- फोटो : अमर उजाला
करंट लगने से दर्शन लाल बुरी तरह झुलस गया। लोगों ने लाइनमैन को जीएमसी जम्मू पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव के साथ धरना दे दिया।
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प्रदर्शन करते परिजन व इलाके के लोग
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तहसीलदार जम्मू बेस्ट नितिन गुप्ता व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आरोपी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
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प्रदर्शन करते परिजन व इलाके के लोग
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इसके बाद पीड़ित परिवार को चार लाख बीमे का मुआवाज दिलाने पर सहमति बनी। रेडक्रॉस सोसायटी ने पचास हजार रुपए और सिविल सोसाइटी ने दस हजार रुपए मदद की घोषणा की। इसके बाद धरना उठाया गया और शाम चार बजे अंतिम संस्कार किया गया। बिलखते हुए मां रत्नो देवी कह रही थी कि बेटा काश तुम्हारी जगह मैं मर जाती।
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प्रदर्शन करते परिजन व इलाके के लोग
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परिवार ने आरोप लगाया कि दर्शन लाल की मौत बिजली विभाग और जेडीए विभाग की लापरवाही से हुई है। कांग्रेस युवा मोर्चा ब्लॉक मढ़ के अध्यक्ष करनजोत सिंह ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। दर्शन लाल के दो छोटे बेटे हैं, दोनों अभी पढ़ते हैं। दर्शन लाल घर में अकेला कमाने वाला था।