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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Cracks in Doda: People completely left affected area, LG said – there is no situation like Joshimath in Thathr

डोडा में दरारें: लोगों ने पूरी तरह प्रभावित इलाके को छोड़ा, एलजी बोले-ठाठरी में जोशीमठ जैसे हालात नहीं

Sat, 04 Feb 2023 11:35 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, डोडा
अमर उजाला नेटवर्क, डोडा Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 04 Feb 2023 11:35 AM IST
सार

डोडा के ठाठरी में लगातार भू धंसाव की स्थिति जांचने के लिए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम मौके पर है। वह जांच कर इसकी रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपेगी। इस बीच लोगों ने पूरा इलाका खाली कर दिया है।

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Cracks in Doda: People completely left affected area, LG said – there is no situation like Joshimath in Thathr
डोडा जिले का ठाठरी के हालात - फोटो : संवाद

विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा है कि डोडा के ठाठरी इलाके में आई दरारें के मामले में प्रशासन पूरी तरह नजर बनाए हुए है। जिन 19 लोगों के घरों में दरारें आई है उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। इसे ज्यादा पैनिक बनाने की जरूरत नहीं है। डोडा में जोशीमठ जैसे हालात नहीं हैं। 

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डोडा के ठाठरी में लगातार भू धंसाव की स्थिति जांचने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम भेजी है। वह जांच कर इसकी रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपेगी। इस बीच लोगों ने पूरा इलाका खाली कर दिया है।
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उपजिलाधिकारी अतहर अमीन जरगर ने बताया कि प्रशासन और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की एक टीम उस स्थान पर मौजूद है जहां 21 घरों में दरारें आई हैं।  डोडा जिले के ठाठरी की नई बस्ती में जोशीमठ की तरह दरारें आ गई है। इसकी जद में 19 घर आ गए हैं।
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प्रशासन ने शुक्रवार को 117 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा दिया है। अधिकारियों ने एक धार्मिक स्थल और स्कूल को भी असुरक्षित घोषित किया है। आयुक्त (डीसी) व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके का मुआयना कर बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

दो दिन पहले मकानों में दरारें आनी शुरू हुईं थीं, लेकिन वीरवार को एक हिमस्खलन के बाद हालात बिगड़ने लगे। गांव में 21 घर क्षतिग्रस्त हो गए। एसडीएम ने बताया कि 19 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, इनके आवास असुरक्षित हो चुके थे।

चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स तथा नेशनल हाईवे प्राधिकरण के भूगर्भशास्त्रियों ने भी मौके का निरीक्षण किया है। प्रशासन की ओर से तैयार किए गए अस्थायी आवास में शिफ्ट किए गए लोगों में से कुछ पैतृक घरों में लौट आए हैं। 

गांव में दहशत

मकानों में दरारें आने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत हैं। असुरक्षित घरों के 117 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी, सैन्यकर्मी, मजदूर व पूर्व सैन्य कर्मियों के परिवार के सदस्य हैं।



गांव की जाहिदा बेगम ने बताया कि वह 15 साल से यहां रह रही है, लेकिन पक्के घर में दरारें आना आश्चर्यजनक है। एक अन्य ग्रामीण फारूक अहमद ने कहा कि प्रभावित लोगों के परिवारों की मदद के लिए प्रशासन तथा स्वयंसेवी संगठनों को आगे आना चाहिए। 

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