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Jammu News: पूर्व मंत्रियों-विधायकों की ओर से सरकारी आवासों पर कब्जे की रिपोर्ट तलब
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हाईकोर्ट ने सीनियर एएजी को अनधिकृत रहने वालों की नवीनतम स्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया
जम्मू। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) ताशी रबस्टन और न्यायमूर्ति मोक्ष खजूरिया काजमी की खंडपीठ ने चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पूर्व मंत्रियों और विधायकों द्वारा सरकारी आवासों के अनधिकृत कब्जों के संबंध में नवीनतम स्थिति रिपोर्ट दो सप्ताह में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2018 में बेदखली नोटिस जारी किए गए थे। प्रदेश के पूर्व मंत्रियों और विधायकों द्वारा सरकारी बंगलों पर अनधिकृत कब्जे को उजागर करने वाली जनहित याचिका पर अदालत ने ये निर्देश पारित किए हैं। जनहित याचिका में अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने के लिए संपदा विभाग को निर्देश देने की मांग की गई है।
अधिवक्ता शेख शकील अहमद के साथ अधिवक्ता सुप्रिया चौहान और याचिकाकर्ता की ओर से पेश जुल्कर नैन चौधरी ने डिवीजन बैंच का ध्यान एस्टेट विभाग से प्राप्त एक नवीनतम आरटीआई सूचना की ओर आकर्षित किया। इसमें यह खुलासा किया गया कि 21 दिसंबर 2018 को उप निदेशक एस्टेट जम्मू ने पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत, पूर्व मंत्री सुनील कुमार और अन्य सभी को 21 दिसंबर 2018 तक या उससे पहले अपने सरकारी बंगलों को खाली करने का निर्देश गया था। अधिवक्ता एसएस अहमद ने आगे कहा कि आज तक अनधिकृत कब्जाधारियों ने बंगले को खाली नहीं किया है और न ही संपदा विभाग ने अनधिकृत कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई शुरू की है। - जेएनएफ
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जम्मू। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) ताशी रबस्टन और न्यायमूर्ति मोक्ष खजूरिया काजमी की खंडपीठ ने चार साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पूर्व मंत्रियों और विधायकों द्वारा सरकारी आवासों के अनधिकृत कब्जों के संबंध में नवीनतम स्थिति रिपोर्ट दो सप्ताह में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2018 में बेदखली नोटिस जारी किए गए थे। प्रदेश के पूर्व मंत्रियों और विधायकों द्वारा सरकारी बंगलों पर अनधिकृत कब्जे को उजागर करने वाली जनहित याचिका पर अदालत ने ये निर्देश पारित किए हैं। जनहित याचिका में अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने के लिए संपदा विभाग को निर्देश देने की मांग की गई है।
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अधिवक्ता शेख शकील अहमद के साथ अधिवक्ता सुप्रिया चौहान और याचिकाकर्ता की ओर से पेश जुल्कर नैन चौधरी ने डिवीजन बैंच का ध्यान एस्टेट विभाग से प्राप्त एक नवीनतम आरटीआई सूचना की ओर आकर्षित किया। इसमें यह खुलासा किया गया कि 21 दिसंबर 2018 को उप निदेशक एस्टेट जम्मू ने पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत, पूर्व मंत्री सुनील कुमार और अन्य सभी को 21 दिसंबर 2018 तक या उससे पहले अपने सरकारी बंगलों को खाली करने का निर्देश गया था। अधिवक्ता एसएस अहमद ने आगे कहा कि आज तक अनधिकृत कब्जाधारियों ने बंगले को खाली नहीं किया है और न ही संपदा विभाग ने अनधिकृत कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई शुरू की है। - जेएनएफ
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