{"_id":"69e7e75dc4e3c42d6d0917c2","slug":"court-news-samba-news-c-289-1-sba1003-112043-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: पिटाई और छेड़खानी के आरोप में \nएफआईआर की याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: पिटाई और छेड़खानी के आरोप में एफआईआर की याचिका खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बाड़ी ब्राह्मणा में पड़ोसियों के बीच विवाद के मामले में जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने नई एफआईआर दर्ज कराने की याचिका खारिज कर दी है।
शिकायतकर्ता रफीकिया बीबी ने आरोप लगाया कि बीते 20 फरवरी को पड़ोसी सोहन लाल, मोहन लाल, आशा और अंजू देवी उनके घर में जबरन घुस आए थे। घर में छह साल का बेटा छत पर खेल रहा था जिसे सोहन ने बुरी तरह पीटा। बच्चे के कान से खून निकलने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब बेटे को बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उसकी भी पिटाई की। कपड़े फाड़े और छेड़खानी की। शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंचे और दोनों को बचाया। पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया कि इसी घटना को लेकर पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज है। इसमें शिकायतकर्ता के पति पर ही मारपीट और घुसपैठ के आरोप हैं और जांच जारी है।
अदालत ने पाया कि नई याचिका पहले से दर्ज मामले के जवाब में दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता जांच के दौरान अपना पक्ष रख सकती हैं। मजिस्ट्रेट ने पर्याप्त आधार न मिलने पर याचिका खारिज कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांबा। बाड़ी ब्राह्मणा में पड़ोसियों के बीच विवाद के मामले में जिला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने नई एफआईआर दर्ज कराने की याचिका खारिज कर दी है।
शिकायतकर्ता रफीकिया बीबी ने आरोप लगाया कि बीते 20 फरवरी को पड़ोसी सोहन लाल, मोहन लाल, आशा और अंजू देवी उनके घर में जबरन घुस आए थे। घर में छह साल का बेटा छत पर खेल रहा था जिसे सोहन ने बुरी तरह पीटा। बच्चे के कान से खून निकलने लगा और उसकी हालत बिगड़ गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब बेटे को बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उसकी भी पिटाई की। कपड़े फाड़े और छेड़खानी की। शोर सुनकर आसपास के लोग भी पहुंचे और दोनों को बचाया। पुलिस की रिपोर्ट में बताया गया कि इसी घटना को लेकर पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज है। इसमें शिकायतकर्ता के पति पर ही मारपीट और घुसपैठ के आरोप हैं और जांच जारी है।
विज्ञापन
अदालत ने पाया कि नई याचिका पहले से दर्ज मामले के जवाब में दायर की गई है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता जांच के दौरान अपना पक्ष रख सकती हैं। मजिस्ट्रेट ने पर्याप्त आधार न मिलने पर याचिका खारिज कर दी गई।
विज्ञापन