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जम्मू कश्मीर: राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व वाला हर खिलाड़ी आरक्षण का हकदार नहीं- हाईकोर्ट
Wed, 08 May 2024 05:11 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2024 05:11 AM IST
सार
प्रदेश उच्च न्यायलय ने कहा कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाला हर खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर खेल नीति के तहत आरक्षण का हकदार नहीं है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाला हर खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर खेल नीति के तहत आरक्षण का हकदार नहीं है। एक याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति राजेश सेखरी की पीठ ने कहा कि नियम बनाने वाले प्राधिकरण की विधायी मंशा, खेल नियम 2008 में उत्कृष्ट प्रवीणता के जम्मू-कश्मीर प्रमाणन में उत्कृष्ट और प्रवीणता शब्दों के उपयोग से स्पष्ट है कि आरक्षण केवल उन खिलाड़ियों के लिए है, जिन्होंने न किसी विशेष खेल में कुशल या उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है या पहले तीन स्थानों में से एक हासिल किया है या फिर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में एक ही अनुशासन में दो या अधिक बार भाग लिया है।
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अदालत ने रेखांकित करते हुए कहा, स्पोर्ट्स कोटा सरकार द्वारा तैयार की गई एक नीति है और इसका उपयोग शैक्षणिक संस्थानों द्वारा उन व्यक्तियों के लिए सीटों या पदों का एक विशेष प्रतिशत आरक्षित करने के लिए किया जाता है, जिन्होंने खेलों में उत्कृष्टता हासिल की है। जम्मू-कश्मीर खेल नीति का उद्देश्य उत्कृष्ट और कुशल खिलाड़ियों को शिक्षा, रोजगार या अन्य लाभ के अवसर प्रदान करना है। याचिकाकर्ता, वर्तमान मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बॉल बैडमिंटन में एकल प्रतिनिधित्व के साथ प्रतिवादी-खेल परिषद द्वारा सही रूप से अयोग्य घोषित किया गया है और प्रतिवादी-विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश से इनकार कर दिया गया है, क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर खेल नीति में निर्धारित मानदंडों को पूरा करने में विफल रहता है।
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अदालत ने एस साहिल नामक व्यक्ति की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस द्वारा जारी पीएचडी कार्यक्रम (पूर्णकालिक) में प्रवेश के लिए उनके बहिष्कार को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता ने खेल श्रेणी के तहत सिविल इंजीनियरिंग के अनुशासन में प्रवेश के लिए आवेदन किया था और बाद में उसके खेल प्रमाण पत्र को विश्वविद्यालय के सहायक रजिस्ट्रार अकादमिक द्वारा सचिव जेएंडके स्पोर्ट्स काउंसिल श्रीनगर को सत्यापन के लिए भेजा गया था। हालांकि, खेल परिषद ने विश्वविद्यालय को बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एकल भागीदारी वाला याचिकाकर्ता खेल श्रेणी के तहत चयन के लिए पात्र नहीं है।
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