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Jammu News: रिश्वत मामले में तहसीलदार को राहत नहीं, चार्जशीट मंजूर
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने तहसीलदार रोहित शर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़ी एफआईआर को रद्द करने और एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की मांग की थी। इस फैसले से सीबीआई के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने का रास्ता साफ हो गया है।
जस्टिस एमए चौधरी ने रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई मामला नहीं बना पाए, जिसके आधार पर जांच में दखल दिया जा सके। यह जांच शुरू में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने की थी और बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। कोर्ट ने इस मामले में लागू अंतरिम निर्देशों को भी रद्द कर दिया।
मामला करीब चार साल पुराना है। 14 नवंबर, 2022 को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायतकर्ता की मां के पक्ष में फर्द इंतखाब (जमीन के रिकॉर्ड का दस्तावेज) जारी करने के बदले बाहु तहसीलदार के दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
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फैसले में दर्ज अभियोजन पक्ष के अनुसार बाद में एसीबी की एक ट्रैप टीम ने याचिकाकर्ता को तहसील कार्यालय में कथित तौर पर 50 हजार रुपये के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। उन्हें गिरफ्तार किया गया पर 21 नवंबर, 2022 को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद जांच पहले संबंधित एसीबी यूनिट को और फिर 18 जनवरी, 2023 को सीबीआई को सौंप दी गई। जेएनएफ
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जस्टिस एमए चौधरी ने रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई मामला नहीं बना पाए, जिसके आधार पर जांच में दखल दिया जा सके। यह जांच शुरू में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने की थी और बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। कोर्ट ने इस मामले में लागू अंतरिम निर्देशों को भी रद्द कर दिया।
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मामला करीब चार साल पुराना है। 14 नवंबर, 2022 को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायतकर्ता की मां के पक्ष में फर्द इंतखाब (जमीन के रिकॉर्ड का दस्तावेज) जारी करने के बदले बाहु तहसीलदार के दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
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फैसले में दर्ज अभियोजन पक्ष के अनुसार बाद में एसीबी की एक ट्रैप टीम ने याचिकाकर्ता को तहसील कार्यालय में कथित तौर पर 50 हजार रुपये के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। उन्हें गिरफ्तार किया गया पर 21 नवंबर, 2022 को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद जांच पहले संबंधित एसीबी यूनिट को और फिर 18 जनवरी, 2023 को सीबीआई को सौंप दी गई। जेएनएफ