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Jammu News: संपत्ति विवाद में यथास्थिति बनाए रखने के दिए आदेश
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जम्मू। स्पेशल ट्रिब्यूनल जम्मू (बेंच-2) ने लोअर रूपनगर के एक निवासी को जम्मू नगर निगम के साथ चल रहे विवाद में अंतरिम सुरक्षा दी है। उसने मामले में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। यह विवाद रिहायशी संपत्ति के एक हिस्से को व्यावसायिक इस्तेमाल में बदलने के आरोपों से जुड़ा है।
मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य पवन कुमार शर्मा ने की। इसमें राकेश कुमार की ओर से जेएमसी के आयुक्त और उपायुक्त (उत्तर) के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने जेएमसी अधिकारियों की ओर से शुरू की गई कारण बताओ कार्यवाही को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि नोटिस कानूनी रूप से सही नहीं था। इसमें न तो अवैध निर्माण की स्पष्ट पहचान की गई थी और न ही संपत्ति के उस हिस्से की सही जानकारी दी गई थी, जिसे कॉमर्शियल इस्तेमाल में बदले जाने का आरोप लगाया गया था। याचिका में रिहायशी परिसर में चार दुकानें खोलने पर की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए थे। दावा किया गया था कि संबंधित निरीक्षण सामग्री, तस्वीरें, माप और अन्य सहायक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। नोटिस में हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जताई कि अगर अंतरिम सुरक्षा नहीं दी गई तो याचिकाकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। प्रतिवादियों की ओर से पेश वकील ने ट्रिब्यूनल के समक्ष जवाब और आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय मांगा।
ट्रिब्यूनल ने जेएमसी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनवाई की अगली तारीख आगामी 23 अक्तूबर तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि यह अंतरिम आदेश मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम निर्णय नहीं देता। प्रतिवादियों के अपना जवाब दाखिल करने के बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा। जेएनएफ
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मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य पवन कुमार शर्मा ने की। इसमें राकेश कुमार की ओर से जेएमसी के आयुक्त और उपायुक्त (उत्तर) के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने जेएमसी अधिकारियों की ओर से शुरू की गई कारण बताओ कार्यवाही को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि नोटिस कानूनी रूप से सही नहीं था। इसमें न तो अवैध निर्माण की स्पष्ट पहचान की गई थी और न ही संपत्ति के उस हिस्से की सही जानकारी दी गई थी, जिसे कॉमर्शियल इस्तेमाल में बदले जाने का आरोप लगाया गया था। याचिका में रिहायशी परिसर में चार दुकानें खोलने पर की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए थे। दावा किया गया था कि संबंधित निरीक्षण सामग्री, तस्वीरें, माप और अन्य सहायक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। नोटिस में हस्तक्षेप की मांग करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जताई कि अगर अंतरिम सुरक्षा नहीं दी गई तो याचिकाकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। प्रतिवादियों की ओर से पेश वकील ने ट्रिब्यूनल के समक्ष जवाब और आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय मांगा।
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ट्रिब्यूनल ने जेएमसी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनवाई की अगली तारीख आगामी 23 अक्तूबर तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि यह अंतरिम आदेश मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम निर्णय नहीं देता। प्रतिवादियों के अपना जवाब दाखिल करने के बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा। जेएनएफ
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