{"_id":"68f93df35e97d47a1d05253b","slug":"court-news-jammu-news-c-10-jmu1052-744343-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: कैट ने सरकार को दिया वन सुरक्षा \nबल भर्ती नियम सुधारने का निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: कैट ने सरकार को दिया वन सुरक्षा बल भर्ती नियम सुधारने का निर्देश
विज्ञापन
- वरिष्ठता तय करने वाले नियम में ‘दूसरा प्रयास’ शब्द में पाई गई गलती
- चार हफ्तों में नियम में संशोधन कर ‘पहला प्रयास’ शब्द लागू करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने जम्मू-कश्मीर सरकार को वन सुरक्षा बल के अधीनस्थ सेवा भर्ती नियम 2017 में पाई गई गलती सुधारने के निर्देश दिए हैं। कैट ने आदेश में कहा है कि सरकार को चार हफ्तों के भीतर नियम में संशोधन करना होगा ताकि कर्मचारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति में कोई विवाद न रहे।
यह आदेश अल्ताफ हुसैन वानी बनाम जम्मू-कश्मीर सरकार मामले में दिया गया। सुनवाई में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि नियम 2017 के नियम 10(1) में ‘दूसरा प्रयास’ शब्द पुराने नियम 2012 के प्रावधानों के विपरीत है। इससे वरिष्ठता व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और कई कर्मचारियों की पदोन्नति पर असर पड़ सकता था। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि विभाग ने 2018 में इस गलती की ओर ध्यान दिलाया था और सुधार के लिए नोट भेजा गया था। नियम का अर्थ यह है कि यदि कोई सदस्य परीक्षा दूसरे प्रयास में पास करता है तो वह पहले प्रयास में पास करने वालों से जूनियर रहेगा। यदि दो प्रयासों में उत्तीर्ण नहीं होता, तो उसे अगले बैच में शामिल होना होगा। कैट ने कहा कि सरकार ने स्वीकार किया है कि ‘दूसरा प्रयास’ शब्द को ‘पहला प्रयास’ से बदलना आवश्यक है। इसलिए सरकार को चार हफ्तों के भीतर संशोधन करने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
- चार हफ्तों में नियम में संशोधन कर ‘पहला प्रयास’ शब्द लागू करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने जम्मू-कश्मीर सरकार को वन सुरक्षा बल के अधीनस्थ सेवा भर्ती नियम 2017 में पाई गई गलती सुधारने के निर्देश दिए हैं। कैट ने आदेश में कहा है कि सरकार को चार हफ्तों के भीतर नियम में संशोधन करना होगा ताकि कर्मचारियों की वरिष्ठता और पदोन्नति में कोई विवाद न रहे।
यह आदेश अल्ताफ हुसैन वानी बनाम जम्मू-कश्मीर सरकार मामले में दिया गया। सुनवाई में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि नियम 2017 के नियम 10(1) में ‘दूसरा प्रयास’ शब्द पुराने नियम 2012 के प्रावधानों के विपरीत है। इससे वरिष्ठता व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और कई कर्मचारियों की पदोन्नति पर असर पड़ सकता था। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि विभाग ने 2018 में इस गलती की ओर ध्यान दिलाया था और सुधार के लिए नोट भेजा गया था। नियम का अर्थ यह है कि यदि कोई सदस्य परीक्षा दूसरे प्रयास में पास करता है तो वह पहले प्रयास में पास करने वालों से जूनियर रहेगा। यदि दो प्रयासों में उत्तीर्ण नहीं होता, तो उसे अगले बैच में शामिल होना होगा। कैट ने कहा कि सरकार ने स्वीकार किया है कि ‘दूसरा प्रयास’ शब्द को ‘पहला प्रयास’ से बदलना आवश्यक है। इसलिए सरकार को चार हफ्तों के भीतर संशोधन करने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन