न्यायाधीश की टिप्पणी, डीसी के पास आदेश में लिखे शब्द पर नजर डालने का वक्त नहीं था
जम्मू। डीसी उधमपुर सलोनी राय को निजी तौर पर उच्च न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया है। शुक्रवार 26 जुलाई को उन्हें पेश होना होगा। यह आदेश डीसी द्वारा पारित पीएसए के आदेश के संदर्भ में है। न्यायाधीश राहुल भारती ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि डीसी के पास एक नजर डालने के लिए भी समय नहीं था। उनके द्वारा जारी आदेश स्पष्ट रूप से कार्यालय में एक क्लर्क की मानसिकता से उपजा हुआ प्रतीत होता है। जिसने इसे केवल हस्ताक्षर के लिए औपचारिकता और रस्म के रूप में रखा था। न्यायाधीश ने कहा कि आदेश पढ़ने मात्र से ही यह न्यायालय असमंजस में पड़ जाता है क्योंकि याचिकाकर्ता को क्षेत्र का एक कट्टर अपराधी बताया गया है, जो गंभीर अपराधों, जघन्य प्रकृति के मामलों व संगठित अपराधों सहित कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। इससे क्षेत्र की शांति और सौहार्द भंग हो सकता है। मानव जीवन को खतरा हो सकता है, जिससे उसे लोक सुरक्षा अधिनियम, 1978 के प्रावधानों के तहत हिरासत में लेना आवश्यक हो जाता है। इसी आधार पर डीसी उधमपुर ने अपने आदेश में लिखा है कि क्षेत्र की शांति भंग करना और मानव जीवन को खतरे में डालना, जिससे लोक शांति और सौहार्द भंग हो सकता है आदेश में अभिव्यक्ति की कोई बात नहीं है। फिर भी डीसी सलोनी राय के पास आदेश में लिखे शब्दों पर एक नजर डालने के लिए भी समय नहीं था। जेएनएफ