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Jammu News: एनडीपीएस व यूएपीए मामले में आईफोन का सुरक्षा फीचर हटाकर होगी जांच
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- जेल में आरोपी की बायोमेट्रिक पहचान से होगा मोबाइल अनलॉक, मजिस्ट्रेट रहेंगे मौजूद
- कोर्ट ने दी अनुमति, फॉरेंसिक जांच में सुरक्षा फीचर से अटका था डाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू के तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार को एनडीपीएस और यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में जब्त किए गए आईफोन की जांच करने की अनुमति दी। अदालत ने आदेश में दिया कि मोबाइल का चोरी सुरक्षा फीचर हटाया जाए ताकि फोन से अहम डाटा निकाला जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। मामला थाना हीरानगर में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें अमरबीर सिंह नामक आरोपी को जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और गैरकानूनी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। जांच के दौरान पुलिस ने उससे आईफोन 14 प्रो मैक्स जब्त किया था। फोन को फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जम्मू में भेजा गया, लेकिन स्टोलन डिवाइस प्रोटेक्शन फीचर सक्रिय रहने के कारण विशेषज्ञ उसमें से कोई डाटा नहीं निकाल पाए।
इसके बाद जांच अधिकारी ने अदालत से अपील की कि आरोपी की बायोमेट्रिक पहचान और फेस आईडी की मदद से सुरक्षा फीचर हटाने की अनुमति दी जाए ताकि मोबाइल से सबूत जुटाए जा सकें। अदालत ने दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद माना कि यह अर्जी जांच की दृष्टि से पूरी तरह वाजिब है। आदेश में कहा गया है कि आईफोन को जेल परिसर में ही खोला जाएगा और इस दौरान कार्यकारी मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे। जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि आरोपी को तीन घंटे के लिए जांच अधिकारी के सुपुर्द किया जाए। अदालत ने साफ कहा है कि मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल सबूत इस मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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- कोर्ट ने दी अनुमति, फॉरेंसिक जांच में सुरक्षा फीचर से अटका था डाटा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू के तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शुक्रवार को एनडीपीएस और यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में जब्त किए गए आईफोन की जांच करने की अनुमति दी। अदालत ने आदेश में दिया कि मोबाइल का चोरी सुरक्षा फीचर हटाया जाए ताकि फोन से अहम डाटा निकाला जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। मामला थाना हीरानगर में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें अमरबीर सिंह नामक आरोपी को जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी और गैरकानूनी गतिविधियों से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। जांच के दौरान पुलिस ने उससे आईफोन 14 प्रो मैक्स जब्त किया था। फोन को फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जम्मू में भेजा गया, लेकिन स्टोलन डिवाइस प्रोटेक्शन फीचर सक्रिय रहने के कारण विशेषज्ञ उसमें से कोई डाटा नहीं निकाल पाए।
इसके बाद जांच अधिकारी ने अदालत से अपील की कि आरोपी की बायोमेट्रिक पहचान और फेस आईडी की मदद से सुरक्षा फीचर हटाने की अनुमति दी जाए ताकि मोबाइल से सबूत जुटाए जा सकें। अदालत ने दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद माना कि यह अर्जी जांच की दृष्टि से पूरी तरह वाजिब है। आदेश में कहा गया है कि आईफोन को जेल परिसर में ही खोला जाएगा और इस दौरान कार्यकारी मजिस्ट्रेट मौजूद रहेंगे। जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि आरोपी को तीन घंटे के लिए जांच अधिकारी के सुपुर्द किया जाए। अदालत ने साफ कहा है कि मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल सबूत इस मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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