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Jammu News: घर में घुसकर महिला को पीटने के सात आरोपियों को सशर्त जमानत
Wed, 04 Jun 2025 02:20 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:20 AM IST
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कठुआ। घर में घुसकर महिला को पीटने के सात आरोपियों को न्यायालय ने सशर्त जमानत दे दी है।
आदेश के अनुसार प्रत्येक आरोपी को जमानत के लिए 20,000 रुपये के जमानती बाॅन्ड सहित समान राशि का व्यक्तिगत बाॅन्ड कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जांच में सहयोग करने और अभियोजन पक्ष के गवाहों के साथ छेड़छाड़ न करने का भी आदेश दिया है।
पुलिस ने पिछले साल सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन आरोपियों में कठुआ के डिंगाअब निवासी मधु बाला, सुमवां फ्लोट निवासी किशोर कुमार, रजनी देवी, सांबा के वार्ड नंबर छह निवासी कमल कुमार, अनु देवी, वार्ड नंबर 10 निवासी राजेश कोहली और मीना रानी शामिल हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह सभी आरोपी 21 दिसंबर 2024 को हाथ में लाठी और डंडा लेकर अतिक्रमण के इरादे से उनके घर में घुसे और उनके साथ मारपीट की गई। इससे शिकायतकर्ता को गंभीर चोट लगी थी।
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कठुआ पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया। इन सभी आरोपियों ने अपने वकील के माध्यम से बीते 24 मई को जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की।
केस की सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और कोर्ट से जमानत देने की अपील की गई।
आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों ने कोई अपराध नहीं किया है और पुलिस ने उन्हें झूठे मामले में फंसाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले में अभी हथियारों की बरामदगी नहीं हुई है। ऐसे में अगर आरोपियों को जमानत दी जाती है तो अभियोजन पक्षों के गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि जमानत देना नियम है और इससे इन्कार करना एक अपवाद है।
पहलुओं, कथित अपराधों की प्रकृति, तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी।
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आदेश के अनुसार प्रत्येक आरोपी को जमानत के लिए 20,000 रुपये के जमानती बाॅन्ड सहित समान राशि का व्यक्तिगत बाॅन्ड कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जांच में सहयोग करने और अभियोजन पक्ष के गवाहों के साथ छेड़छाड़ न करने का भी आदेश दिया है।
पुलिस ने पिछले साल सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन आरोपियों में कठुआ के डिंगाअब निवासी मधु बाला, सुमवां फ्लोट निवासी किशोर कुमार, रजनी देवी, सांबा के वार्ड नंबर छह निवासी कमल कुमार, अनु देवी, वार्ड नंबर 10 निवासी राजेश कोहली और मीना रानी शामिल हैं।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह सभी आरोपी 21 दिसंबर 2024 को हाथ में लाठी और डंडा लेकर अतिक्रमण के इरादे से उनके घर में घुसे और उनके साथ मारपीट की गई। इससे शिकायतकर्ता को गंभीर चोट लगी थी।
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कठुआ पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया। इन सभी आरोपियों ने अपने वकील के माध्यम से बीते 24 मई को जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की।
केस की सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और कोर्ट से जमानत देने की अपील की गई।
आरोपियों के वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किलों ने कोई अपराध नहीं किया है और पुलिस ने उन्हें झूठे मामले में फंसाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इसका विरोध किया गया।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले में अभी हथियारों की बरामदगी नहीं हुई है। ऐसे में अगर आरोपियों को जमानत दी जाती है तो अभियोजन पक्षों के गवाहों को प्रभावित करने की पूरी संभावना है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि जमानत देना नियम है और इससे इन्कार करना एक अपवाद है।
पहलुओं, कथित अपराधों की प्रकृति, तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी।