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मंत्री ने कब्जाई करोड़ों की सरकारी जमीन

Thu, 07 May 2015 04:37 PM IST
Updated Thu, 07 May 2015 04:37 PM IST
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court issued notice on illegal occupation of government land to minister turst

अफसरों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से भूमाफिया द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने के संबंध में दायर बहुचर्चित जनहित याचिका में उस वक्त नया मोड़ आया, जब हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एक मंत्री परिवार से जुड़े ट्रस्ट के कब्जे वाली जमीन पर मुख्य सचिव सहित उच्च अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया।

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हीरा नगर के गांव करांडी खुर्द में आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट, कठुआ (स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह के परिवार से जुड़े ट्रस्ट) के कब्जे वाली 316 कनाल, 17 मरला जमीन को खाली करवाने के संबंध में दायर विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी और जस्टिस जनक राज कोतवाल की खंडपीठ ने मुख्य सचिव, वित्त सचिव (गृह), जीएडी सचिव, राजस्व सचिव, डिवकाम जम्मू, डीजीपी और विजिलेंस आर्गनाइजेशन को नोटिस जारी किया है।
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आरोप है कि उक्त जमीन जेएंडके कृषि सुधार अधिनियम 1976 की धारा 2 के तहत निर्धारित सीमा के विपरीत है। सरकार की ओर से उक्त नोटिस सीनियर एएजी सीमा शेखर खजूरिया, सीनियर एएजी एसएस नंदा और एएजी एलके मोजा ने स्वीकार किया।
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324 कनाल जमीन पर चौधरी लाल सिंह का कब्जा

court issued notice on illegal occupation of government land to minister turst

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील शेख शकील अहमद ने अन्य वकीलों के साथ खंडपीठ का ध्यान तत्कालीन आईपीएस डॉ. अशोक भान (अब रिटायर्ड) के उस डीओ लेटर की ओर दिलाया, जो उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को लिखा था।

इसमें लिखा गया कि गांव करांडी खुर्द में 324 कनाल सात मरला जमीन पर चौधरी लाल सिंह का कब्जा है। जहां वह एक फार्म हाउस बना रहे हैं और कृषि सुधार प्रावधानोें के तहत कोई व्यक्ति 100 कनाल जमीन पर ही कब्जे का दावा कर सकता है।

उन्होंने तत्कालीन सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव सिमरनदीप सिंह (आईएएस) द्वारा दायर स्टेटस रिपोर्ट के प्रति भी अदालत का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें छह मार्च 2013 को मुख्य सचिव द्वारा बुलाई बैठक का जिक्र था।

इसमें फैसला लिया गया कि ट्रस्ट द्वारा कृषि सुधार अधिनियम के तहत कब्जा की गई जमीन को कानून के अनुसार वापस लिया जाना चाहिए।

जमीन कब्जाने के ल‌िए क‌िए गए थे तबादले

court issued notice on illegal occupation of government land to minister turst

इस संबंध में दायर विविध याचिका में कठुआ के तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त (राजस्व) एसपी रकवाल पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हुए ट्रस्ट के पक्ष में काम करने की बात कही गई। याचिका में रकवाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई, जिन्होंने मामले को बेवजह लटकाया।

बाद में अफसर को पुरस्कार देते हुए स्वास्थ्य मंत्री का ओएसडी बना दिया गया। आरोप में कहा गया कि कठुआ के तत्कालीन विधायक चरणजीत सिंह ने एक सीएमए लाकर कहा था कि लाल सिंह ने ईमानदार राजस्व अधिकारी पुनीत शर्मा का तबादला कर उसके स्थान पर अपने पसंदीदा अधिकारी रकवाल को बैठा दिया।

ताकि अतिरिक्त भूमि के मामले को दबाया जा सके। आरोप में कहा गया कि 27 नवंबर 2012 को तत्कालीन राजस्व मंत्री रमण भल्ला के निवास पर एक बैठक हुई थी, जिसमें राजस्व सचिव बीए रुनयाल की उपस्थिति में लाल सिंह ने केएएस अफसर पुनीत को चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि वह आरटीआई के तहत इस मामले की जानकारी दे रहे हैं। बाद में उनका तबादला करवा दिया गया था।

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