श्रीनगर में देश का पहला डोपलर रडार स्थापित
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रियासत में अब बीते वर्ष बाढ़ से हुई तबाही जैसे हालात नहीं बन पाएंगे। सरकार और प्रशासन को श्रीनगर में स्थापित किए गए डोपलर रडार से प्राकृतिक आपदा की जानकारी छह घंटे पहले ही मिल जाएगी। ऐसे में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कुछ समय मिल सकेगा।
जापान द्वारा निर्मित यह रडार देश में सबसे पहले श्रीनगर में ही लगाया गया है। इससे मौसम विभाग की क्षमता और मजबूत होगी। बताया जा रहा है कि यह रडार 100 किलोमीटर क्षेत्र के दायरे तक ही प्रभावित होगा।
तोशीबा कंपनी द्वारा बनाए गए इस रडार के स्थापित होने से अब मौसम विभाग वातावरण में बनने वाले बदलाव के संकेतों के आधार पर चेतावनी जारी कर सकेगा।
भारत के 13 अन्य जगहों पर भी लगाए जाएंगे
मौसम विभाग श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स ने अमर उजाला को बताया कि इस रडार के लगाने से विभाग न सिर्फ हिमस्खलन, बर्फबारी और बारिश की सटीक भविष्यवाणी कर सकेगा बल्कि देश भर से अमरनाथ यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी पहले ही मौसम की जानकारी मिल सकेगी जिसके चलते वे मौसम के मुताबिक अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
एडवेंचर स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी इससे काफी मदद मिलेगी। पर्यटन क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। लोट्स के मुताबिक इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन आफ इंडिया (ईएसआई) की ओर से कुछ महीने पहले ही जापानी कंपनी तोशीबा को इस डोपलर रडार का आर्डर दिया गया था। ईएसआई के अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही भारत के 13 अन्य शहरों में भी यह रडार स्थापित किए जाएंगे।