श्रीनगर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधान लागू, भयभीत होने की जरूरत नहीं बरतें एहतियात
श्रीनगर शहर में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे दिन भी सख्ती रखी गई। इस दौरान धारा 144 लागू रही। हालांकि आपातकालीन सेवाएं बहाल रहीं। जिलाउपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इसकी अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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श्रीनगर शहर में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार दूसरे दिन भी सख्ती रखी गई। इस दौरान धारा 144 लागू रही। हालांकि आपातकालीन सेवाएं बहाल रहीं। जिलाउपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधान लागू किए गए हैं। इसकी अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्रीनगर में कोविड-19 का पहला पॉजिटिव मामला आने के बाद अफरातफरी के माहौल को काबू में करने के लिए प्रशासन द्वारा एक दिन पहले आधिकारिक तौर पर पाबंदियां लागू की गईं, जो आज यानी कि शनिवार को भी देखने को मिलीं। सुबह से ही सड़कों पर आवाजाही कम रही। कई जगहों पर तार भी लगाए गए थे, जहां अर्द्धसैनिक बलों के जवान तैनात थे।
इस दौरान आने-जाने वालों से पूछताछ कर ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई। प्रशासन ने पहले से लोगों को घरों में रहने को कहा है। यह भी कहा है कि आपातकालीन सेवाओं से संबंधित लोग हैं या जिन्हें कोई मजबूरी है, उनके आईडी कार्ड चेक करने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा।
श्रीनगर की सड़कों पर सुबह से पुलिस की गाड़ियां लाउडस्पीकर पर लोगों से घरों में रहने की अपील करती सुनाई दी। यह भी हिदायत दी कि अगर कोई आदेशों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच श्रीनगर के जिला उपायुक्त डॉ शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा कि कोरोना के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रावधान लागू किए गए हैं। इनका पालन नहीं करने या व्यवस्थाओं में बाधा डालने वाले को जुर्माने के साथ-साथ दो साल तक के कारावास की सजा होगी।
भयभीत होने की जरूरत नहीं, बरतें एहतियात
श्रीनगर के अलावा दक्षिणी कश्मीर के शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और कुलगाम जिलों के अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामुला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा के साथ-साथ बडगाम और गांदरबल सहित घाटी के अन्य हिस्सों से भी ऐसी ही रिपोर्ट है। सभी जिलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सड़कों से गायब रहे। इस बीच कुछ निजी गाड़ियां चलती दिखीं, जो न के बराबर थीं। सभी दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, दफ्तर आदि बंद रहे।
एनएचएम के मिशन डायरेक्टर भूपेंद्र कुमार ने कहा कि इस पूरे मामले में हमें सावधानी बरतनी है। भीड़ से दूर रहना है। यही एक तरीका है, जिससे हम वायरस से बच सकते हैं। भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सिर्फ एहतियात बरतने की जरूरत है।
बांदीपोरा में 10 दुकानें सील
बांदीपोरा में प्रशासनिक अधिकारियों की एक विशेष टीम ने इलाके का दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान 10 दुकानों और एक होटल को भी सील किया गया। पुलिस की टीम उनके साथ थी।