{"_id":"5f5bd26e8ebc3e44677e707b","slug":"coronavirus-jammu-city-news-jmu218492149","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 7697, रिकवरी रेट बहुत कम रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की धीमी रफ्तार पर लोग उठा रहे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 7697, रिकवरी रेट बहुत कम रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की धीमी रफ्तार पर लोग उठा रहे सवाल
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जम्मू। प्रदेश में जम्मू जिला कारोना संक्रमण का प्रमुख हॉट स्पॉट बना हुआ है। जिले में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 7697 हो चुका है। चिंता यह है कि यहां पर रिकवरी रेट बहुत कम है और सक्रिय मामलों की संख्या 5932 है। वहीं कुल मामलों की बात करें तो श्रीनगर जिला अब तक सबसे ज्यादा संक्रमित रहा है। यहां पर कुल मामले 11243 हैं, लेकिन यहां पर रिकवरी रेट बहुत बेहतर है और सक्रिय मामले केवल 1796 ही रह गए हैं।
उधर लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए हैं। कहा, ज्यादातर टेस्ट केवल सरकारी कार्यालयों में ही हुए हैं। प्रशासन पर कोरोना की रोकथाम में गंभीरता नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। वीकेंड लॉकडाउन तक जम्मू जिले में हटा दिया गया है। जिला उपायुक्त जम्मू सुषमा चौहान के अनुसार 26 अगस्त से नौ सितंबर तक जम्मू जिले में 42286 एंटीजन टेस्ट हुए हैं। इनमें 2728 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
एंटीजन टेस्ट घर-घर जाकर करने चाहिए, तभी सुधार होगा
लोगों के अनुसार जम्मू जिले की जनसंख्या 16 लाख से ज्यादा है। ऐसे में एंटीजन टेस्ट काफी धीमी रफ्तार के साथ हो रहे हैं। केवल सरकारी कार्यालयों को प्राथमिकता दी गई है। मोहल्ले आदि में जाकर एंटीजन टेस्ट केवल नाम मात्र के हो रहे हैं। एंटीजन टेस्ट करवा चुके केएल शर्मा का कहना है कि एंटीजन टेस्ट घर-घर जाकर करने चाहिएं तभी हालात में सुधार होगा, लेकिन अभी तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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नागरिक सचिवालय के कर्मचारी ने नाम न छापने की तर्ज पर बताया कि कोरोना टेस्ट करवाने वालों को रिपोर्ट तक नहीं दी जा रही। जो लोग पॉजिटिव आ भी रहे हैं। उनके बारे में भी पता नहीं चल पाता। घर में आइसोलेट करने की प्रक्रिया भी सही नहीं है। जो परिवार एक ही कमरे में रहता है, उनके तो सभी सदस्य पॉजिटिव हो जाएंगे और समाज को भी संक्रमित करेंगे। अस्पतालों में ही संक्रमितों का उपचार होना चाहिए।
जीएमसी नहीं अब सीडी अस्पताल में होंगे टेस्ट
जम्मू। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी में कोरोना टेस्ट अब नहीं होंगेे। प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद की ओर से जारी आदेश के तहत जीएमसी में कोविड 19 और फ़्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सैंपल कलेक्शन का काम तत्काल प्रभाव से सीडी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। वहीं दूसरी ओर गांधीनगर अस्पताल में भी कोरोना टेस्ट के लिए लोगों को तपती धूप में घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है।
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उधर लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए हैं। कहा, ज्यादातर टेस्ट केवल सरकारी कार्यालयों में ही हुए हैं। प्रशासन पर कोरोना की रोकथाम में गंभीरता नहीं अपनाने का आरोप लगाया है। वीकेंड लॉकडाउन तक जम्मू जिले में हटा दिया गया है। जिला उपायुक्त जम्मू सुषमा चौहान के अनुसार 26 अगस्त से नौ सितंबर तक जम्मू जिले में 42286 एंटीजन टेस्ट हुए हैं। इनमें 2728 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
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एंटीजन टेस्ट घर-घर जाकर करने चाहिए, तभी सुधार होगा
लोगों के अनुसार जम्मू जिले की जनसंख्या 16 लाख से ज्यादा है। ऐसे में एंटीजन टेस्ट काफी धीमी रफ्तार के साथ हो रहे हैं। केवल सरकारी कार्यालयों को प्राथमिकता दी गई है। मोहल्ले आदि में जाकर एंटीजन टेस्ट केवल नाम मात्र के हो रहे हैं। एंटीजन टेस्ट करवा चुके केएल शर्मा का कहना है कि एंटीजन टेस्ट घर-घर जाकर करने चाहिएं तभी हालात में सुधार होगा, लेकिन अभी तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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नागरिक सचिवालय के कर्मचारी ने नाम न छापने की तर्ज पर बताया कि कोरोना टेस्ट करवाने वालों को रिपोर्ट तक नहीं दी जा रही। जो लोग पॉजिटिव आ भी रहे हैं। उनके बारे में भी पता नहीं चल पाता। घर में आइसोलेट करने की प्रक्रिया भी सही नहीं है। जो परिवार एक ही कमरे में रहता है, उनके तो सभी सदस्य पॉजिटिव हो जाएंगे और समाज को भी संक्रमित करेंगे। अस्पतालों में ही संक्रमितों का उपचार होना चाहिए।
जीएमसी नहीं अब सीडी अस्पताल में होंगे टेस्ट
जम्मू। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल जीएमसी में कोरोना टेस्ट अब नहीं होंगेे। प्रिंसिपल डॉ. नसीब चंद की ओर से जारी आदेश के तहत जीएमसी में कोविड 19 और फ़्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सैंपल कलेक्शन का काम तत्काल प्रभाव से सीडी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। वहीं दूसरी ओर गांधीनगर अस्पताल में भी कोरोना टेस्ट के लिए लोगों को तपती धूप में घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ रहा है।