{"_id":"60b499f543600a6f96734907","slug":"coronavirus-in-jammu-kashmir-vaccination-for-heart-patients-is-recommended-by-doctor","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर की सलाह: हृदय रोगियों के लिए टीकाकरण जरूरी, इससे संक्रमण की संभावना कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर की सलाह: हृदय रोगियों के लिए टीकाकरण जरूरी, इससे संक्रमण की संभावना कम
Mon, 31 May 2021 01:40 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 31 May 2021 01:40 PM IST
सार
डॉक्टर ने हृदय रोगियों को संक्रमण होने की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श करने और उचित उपचार शुरू करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
हृदय रोग
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हृदय रोग विशेषज्ञ और शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) में एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. इमरान हफीज ने कोरोना को हृदय रोगियों के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि हृदय रोग से पीड़ित लोगों को कोविड संक्रमण का उच्च जोखिम है। ऐसे रोगियों को सावधानी बरतने और कोविड के नियमों का पालन करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
डॉ. इमरान ने टीकाकरण पर जोर देते हुए सुरक्षित रहने के लिए सभी से टीका लगवाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हृदय रोगियों के लिए टीकाकरण बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीका कोविड संक्रमण से बचाव का काम करता है। टीका लगाने वाले लोग संक्रमण से सुरक्षित हो जाते हैं और वे शायद ही संक्रमित होते हैं। बहुत कम टीकाकरण वाले व्यक्तियों को हल्का संक्रमण होता है लेकिन वे तुरंत ठीक हो जाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे कोरोना वायरस के कारण उच्च रक्तचाप के रोगियों को होने वाले जोखिम के बारे में पूछते हैं। उच्च रक्तचाप सामान्य जोखिम वाले कारकों में से एक है, जिसकी व्यापकता 25 प्रतिशत है। लेकिन, उच्च रक्तचाप का हर रोगी जोखिम में नहीं है।
विज्ञापन
इसलिए लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए। केवल उन्हीं उच्च रक्तचाप के रोगियों को जोखिम होता है जो गुर्दे की विफलता, हृदय रोग और संबंधित मधुमेह जैसे अंगों को नुकसान पहुंचाने वाले रोगों से पीड़ित हैं।
यह भी पढ़ें- बिखर गया परिवार: पिता की कमी पूरी कर रही मां को लील गया कोरोना, भाई-बहन ही एक दूसरे का सहारा
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: परिसीमन पर नेशनल कांफ्रेंस का रुख बदला, पहले फारूक अब्दुल्ला ने कहा था- ये स्वीकार नहीं