जम्मू: मां और उसके जुड़वां बच्चे हुए कोरोना मुक्त, महिला की ये बातें संक्रमण से लड़ने में मदद करेंगी
दैनिक कोविड के आंकड़े निराशाजनक हो सकते हैं, लेकिन हमेशा कहीं न कहीं आशा की किरण होती है। यहां जम्मू संभाग के पंडितगाम किश्तवाड़ की पूनम शर्मा की कहानी है जो अपने जुड़वां बच्चों के साथ हाल ही में कोविड से उबर कर घर वापस आ गई हैं।
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पंडितगाम किश्तवाड़ निवासी पूनम ने इस कठिन परिस्थिति में सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में कहा कि 8 मई 2021 को उन्हें गले में खराश और ठंड महसूस हुई। उन्होंने कहा, मैंने अपने पति से इस बारे में बात की और हम दोनों ने अपने गांव पंडितगाम में कोरोना परीक्षण कराने का फैसला किया। मैं संक्रमित पाई गई और मेरे पति सुरक्षित थे। हमने तुरंत डॉक्टर से परामर्श लिया और सावधानी के तौर पर खुद को आइसोलेट कर लिया। दुर्भाग्य से अगले दिन मेरे एक बच्चे (पांच वर्ष) को बुखार, उल्टी हुई और उसकी नाड़ी की गति तेज होने लगी। मेरे पति तुरंत उसे अस्पताल ले गए जहां परीक्षण के बाद उसे भी कोरोना संक्रमित पाया गया।
11 मई को पूनम शर्मा और उनके बच्चे को चार दिनों के लिए कोविड केयर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें घर पर ही आइसोलेट होने की सलाह दी गई। इस बीच पूनम के परिवार के अन्य सभी सदस्यों के परीक्षण किए गए और उनकी सास और दूसरे बच्चे को भी कोरोना संक्रमित बताया गया। डॉक्टरों ने सभी को घर से अलग करने की सलाह दी।
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यह मेरे लिए बहुत कठिन समय था- पूनम
उन्होंने हमें एक परिवार की तरह माना। उनके जुनून ने मुझे अपने जीवन के सबसे कठिन समय से गुजरने में मदद की। ऐसे समय में उन चीजों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं, और आशावादी बने रहने की कोशिश करें। कोविड को हल्के में न लें, और अपने बच्चों की रक्षा करें। और यदि किसी को थोड़ा भी लक्षण मिले तो कोविड टेस्ट के लिए जाएं।‘