जम्मूः कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार का लोगों ने किया विरोध, ये थी वजह
शास्त्रीनगर श्मशानघाट पर क्षेत्रवासियों के विरोध के बीच गुरुवार को तीसरे दिन प्रीत नगर निवासी 72 वर्षीय बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया। बुजुर्ग की गत दिवस कोविड संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद शव जीएमसी की मॉर्चरी में रखा गया था। संस्कार के दौरान परिवार के कुछ सदस्य, मेडिकल टीम, पुलिस कर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
बुधवार को बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार वाले उसे योगी गेट लेकर पहुंचे थे, लेकिन क्षेत्रवासियों ने वहां शव जलाने का विरोध किया था। इसके बाद देर शाम को परिवार वाले शव को वापस जीएमसी ले आए थे। गुरुवार सुबह प्रशासनिक टीम के साथ शव को शास्त्रीनगर लाया गया।
कुछ महिलाओं ने शव को वहां जलाने का विरोध किया। इस पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि शव को पूरी तरह से मेडिकल स्तर पर कवर किया गया है, जिससे किसी तरह का संक्रमण नहीं फैल सकता है। आग में जलाने से सभी तरह के संक्रमण नष्ट हो जाते हैं। इसके बाद क्षेत्रवासी सहमत हो गए और शव को वहीं जलाने दिया गया।
बुजुर्ग के संपर्क में रहने वाले 14 लोग क्वारंटीन
प्रीत नगर डिग्यिाना में कोविड संक्रमण से हुई बुजुर्ग की मौत के बाद वीरवार को उनके अधिक संपर्क में रहे 14 लोगों के सैंपल लेकर उन्हें क्वारंटीन किया गया। इसमें परिवार के सदस्य भी शामिल थे। इसके अलावा शाम को स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम अलग से आसपास के क्षेत्र से सैंपल ले रही थी।
यह प्रक्रिया देर शाम तक जारी थी। प्रीतनगर इलाके को पहले ही सील कर दिया गया है। वहीं, सेरी पंडिता कोट भलवाल में आए पाजिटिव मामले में उसके परिवार से सात लोगों के सैंपल लेकर क्वारंटीन किया गया है। इसमें पीड़ित का भाई का परिवार शामिल है।